किसान नेता युद्धबीर सिंह को अवैध हिरासत में लिए जाने को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम उपजिलाधिकारी भिकियासैंण को सौंपा ज्ञापन।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा) किसान नेता युद्धबीर सिंह को अवैध हिरासत में लेने व उनकी यात्रा पर प्रतिबंध लगाने के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने तहसील मुख्यालय भिकियासैंण में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु जी भारत सरकार के नाम उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में स्पष्ट उल्लेख किया है कि किसान नेता युद्धवीर सिंह अवैध हिरासत में लेने उनकी यात्रा पर प्रतिबंध लगाने तथा एसकेएम के साथ लिखित आश्वासन का उल्लंघन करने के विरोध किया है। हम आपका ध्यान हाल ही में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के कई नेताओं को दिल्ली पुलिस सहित केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों द्वारा उन्हें कॉरपोरेट समर्थक कृषि अधिनियमों को निरस्त करने की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर 13 महीने नंबे दिन चले ऐतिहासिक किसान संघर्ष से संबंधित दर्ज आपराधिक मामलों में फंसाने के लिए जानबूझकर किए गए, अनुचित कार्यों की ओर खींचना चाहते हैं, और इसके कारण हुए अपमान और पीड़ा से आपको अवगत कराने के लिए यह पत्र लिखने के लिए मजबूर हैं।

केंद्र सरकार ने कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव मंजय अग्रवाल द्वारा हस्ताक्षरित 9 दिसंबर 2021 के लिखित पत्र के आधार पर एसकेएम के साथ एक समझौता किया था, जिसके आधार पर ऐतिहासिक किसान संघर्ष को स्थगित कर दिया गया था। पत्र में स्पष्ट रुप से कहा गया था (पैरा 2 ए और बी) कि उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा की राज्य सरकारे किमान संघर्ष से संबंधित सभी मामलों को तुरंत वापस लेने के लिए पूरी तरह सहमत हैं। साथ ही पत्र में केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेशों में उनकी एजेंसियों और प्रशासन ने किसानों के संघर्ष से संबंधित सभी मामलों को वापस लेने पर सहमति व्यक्त की थी और अन्य नभी राज्य सरकारों से भी किसानों के संघर्ष के खिलाफ ऐसे सभी मामलों को वापस लेने का अनुरोध करने की बात कही थी।

राज्यसभा में प्रत्र संख्या 1158, दिनांक 19.12.2022 के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जवाब दिया था, गृह मंत्रालय में प्रास रिपोर्ट के अनुसार, किसानों के खिलाफ 86 मामले वापस लेने का प्रस्ताव आया है और गृह मंत्रालय ने ऐसा करने की अनुमति दे दी है। इसके अलावा, रेल मंत्रालय ने रेलवे सुरक्षा बलों द्वारा किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी मामलों को वापस लेने का निर्देश दिया है। लगभग दो वर्षों के बाद, युद्धवीर सिंह, जो एसकेएम के राष्ट्रीय परिषद सदस्य और भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के महासचिव हैं, को 29 नवंबर 2023 को सुबह 2 बजे इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यह दावा करते हुए कि वे गिरफ्तार कर लिया गया कि वह 2020-21 के दिल्ली में ऐतिहासिक किसान संघर्ष से संबंधित मामले में जारोपी हैं। इस कार्रवाई के कारण अंतर्राष्ट्रीय किसान सम्मेलन में भाग लेने के लिए कोलंबिया जाने वाली उनकी उड़ान छूट गई। हालांकि, बाद में किसान आंदोलन के कड़े विरोध के कारण दिल्ली पुलिस को उन्हें रिहा करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

हरियाणा के रोहतक के बीकेयू नेता वीरेंद्र सिंह हुड्डा को दिल्ली पुलिस के सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन से 22 नवंबर 2023 को एक नोटिस मिला था, जिसमें उन्हें एक मामले की एफआईआर क्रमांक 522/2020, दिनांक 26.11.2020 पर पेश होने का निर्देश दिया गया था। किसान आंदोलन के विरोध के मद्देनजर दिल्ली पुलिस को नोटिस वापस लेने की सार्वजनिक रुप से घोषणा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं 7 दिसंबर 2022 को, बीकेयू के प्रभारी अधिकारी अर्जुन बलियान को नई दिल्ली हवाई अड्डे पर नेपाल जाने से रोक दिया गया। पंजाब के एसकेएम नेता सतनाम सिंह बेहरू और हरिंदर सिंह लोकोवाल दिल्ली किसान संघर्ष से संबंधित मामलों में दिल्ली के तीस हजारी और पटियाला हाउस अदालतों में अदालती प्रक्रियाओं का सामना कर रहे हैं।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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