कानपुर के मो. आमिल को “रामधारी सिंह दिनकर साहित्य सेवा सम्मान 2024” से किया गया सम्मानित।
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर के प्रतिष्ठित साहित्यकार मो. आमिल को राजकुमार जायसवाल “विचारक्रांति’ के नेतृत्व में नमो फाउंडेशन सिंगरौली द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत व वीर रस के महान राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की जयंती पर आयोजित प्रतियोगिता में चयनित होने पर “रामधारी सिंह दिनकर साहित्य सेवा सम्मान 2024” से सम्मानित किया गया। राजकुमार जायसवाल “विचारक्रांति” के नेतृत्व में आयोजित किए गए इस प्रतियोगिता में देश – विदेश से सैकड़ों प्रविष्टियां प्राप्त हुई थी, जिनमें से 175 श्रेष्ठ साहित्यकारों को रामधारी सिंह दिनकर साहित्य सेवा सम्मान 2024 के लिए चयनित किया गया है।

नमो फाउंडेशन सिंगरौली द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों की एक ऑनलाइन प्रतियोगिता के माध्यम से सम्मानित किया गया है, जिसमें मो. आमिल को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के आधार पर सम्मान के लिए चयनित किया गया है। मो. आमिल अपनी नवीनतम पुस्तक Shadows of Hope के लिए पहले से ही लोकप्रियता प्राप्त कर रहे हैं, जिसे व्यापक प्रशंसा मिल रही है। वर्तमान में वे एक अल्पसंख्यक संस्थान में शिक्षक के रुप में काम कर रहे हैं। वे अंग्रेजी में शोध विद्वान भी है और छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर में पीएचडी कर रहे है। साहित्य में उनका योगदान और अकादमिक शोध के प्रति उनका समर्पण बहुत से लोगों को प्रेरित करता रहता है।
रामधारी सिंह दिनकर साहित्य सेवा सम्मान 2024 के आयोजक/संयोजक ने कहा कि मो. आमिल की रचनाएं पढ़ते ही मन व हृदय को स्पर्श कर जाती है, इनके जैसे साहित्यकार ही समाज में परिवर्तन के वाहक बनकर, अपने जड़ो से जुड़कर व सनातन संस्कृति को प्रचारित करके भारत को पुनः विश्व गुरु बनाएंगे। नमो फाउंडेशन सिंगरौली इकाई द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत के सभी राज्यों सहित विदेश के प्रतिभागी भी शामिल हुए थे। इस सम्मान में मो. आमिल को चयनित होने पर नमो फाउंडेशन सिंगरौली के जिला मंत्री आयोजक राजकुमार जायसवाल “विचारक्रांति” ने हार्दिक बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है।



