जनता इंटर कॉलेज बाजन में मातृभाषा की कक्षाएं हुई प्रारम्भ।
भिकियासैंण। उत्तराखंड लोक-भाषा साहित्य मंच दिल्ली के तत्वावधान में दिनाँक 28 अप्रैल 2025 से जनता इंटर कॉलेज बाजन विकासखंड भिकियासैंण में ग्रीष्मकालीन कुमाऊंनी भाषा की कक्षाएं शुरु हो गई है l मातृभाषा कक्षा का शुभारम्भ कुमाऊंनी सरस्वती वंदना “दैण है जाए माँ सरस्वती” के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सहायक अध्यापिका व कुमाऊंनी साहित्यकार प्रभा बिष्ट संयोजिका भारत ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा की गई।

कुमाऊंनी भाषा का महत्व बताते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में हमें अपनी कुमाऊंनी भाषा को संरक्षण देने की अत्यधिक आवश्यकता है। तत्पश्चात विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रकाश पंत ने कहा – न केवल कुमाऊंनी भाषा के संरक्षण पर बल दिया गया, अपितु यह भी बताया कि आज हम अपन घरों में अपनी मातृभाषा कुमाऊंनी का बहुत कम मात्रा में प्रयोग करते है, जबकि अन्य प्रदेशों के लोग अपनी मातृभाषा में बात करते है। वे अपनी मातृभाषा पर गर्व करते है। इसी कारण उनकी भाषा फल-फूल रही है। हमारी मातृभाषा कुमाऊंनी बहुत समृद्ध सुदृढ़ और सुसंस्कृत भाषा है, हमें इस पर गर्व होना चाहिए। हमारी भाषा हमारी पहचान है। हमें इसका अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए।
मातृभाषा कक्षा संयोजिका प्रभा बिष्ट ने उत्तराखंड लोक – भाषा साहित्य मंच – दिल्ली भारत ज्ञान विज्ञान समिति, शिक्षा विभाग व इन मातृभाषा की कक्षाओं को उत्तराखंड के कुमाऊँ मंडल के जिलों तक पहुँचाने में मुख्य सहयोगी रहे कृपाल सिंह शीला का आभार व्यक्त किया है। अपनी मातृभाषा को बचाने व उसे संरक्षण देने में इन कक्षाओं का संचालन एक बहुत ही अच्छी पहल है। निश्चित तौर पर इसके परिणाम बहुत अच्छे रहेंगे। हमारे जो बच्चे महानगरों में रहते है, उनके लिए इस प्रकार के प्रयास किए जाने से वह अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे। इस कार्यक्रम में विद्यालय के अध्यापक आनंद सिंह डंगवाल, नवीन प्रफुल्ल, भगवत सिंह व कार्यक्रम के सहसंयोजक श्रीश प्रकाश, मनोज भाकुनी, दिनेश नेगी सहित 35 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में मातृभाषा कक्षा संयोजिका द्वारा सभी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए जानकारी दी कि इन कक्षाओं का संचालन 15 मई 2025 तक किया जाएगा। मातृभाषा की कक्षा में कुल 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया।



