प्रेरित समावेश व सेवा प्रदाताओं का हुआ प्रशिक्षण।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा) स्वयंसेवी संस्था संजीवनी विकास एवं जन कल्याण समिति द्वारा लियो एंड मिया फाउंडेशन के सहयोग से संचालित समय से पूर्व जन्मे बच्चे, जच्चा और बच्चा स्वास्थ्य परियोजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेन्टर भिकियासैंण में आशा और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।
साथ ही प्रतिभागियों को समय से पूर्व बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं को लेकर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इस बारे में भी चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें संतुलित आहार, प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। इसी के साथ ही परियोजना समन्वयक द्वारा कंगारु मदर केयर और स्तनपान के महत्त्व को भी समझाया गया। साथ ही इस वर्ष की थीम प्रेरित समावेश के बारे में भी बातचीत की गई की किस प्रकार लड़का-लड़की में भेदभाव किया जाता है, जिसमें न केवल लड़की का शोषण होता है, परन्तु पुरुष वर्ग भी इस जाल में फंसा हुआ है।
प्रशिक्षण के दौरान लड़का और लड़की को एकसमान तरीके से व्यवहार करने के लिए कहा गया। डॉक्टर शिवांगी द्वारा प्रीटर्म के बारे में विस्तृत रुप से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रीटर्म के केस में बच्चे को साँस लेने में दिक्कत होती है, और जिस वजह से उसका विकास नहीं हो पाता है और वह काफी कमजोर हो जाता है। डॉक्टर शिवांगी ने साथ में यह भी बताया कि आयरन की गोली खाने से पहले चाय नहीं पीनी चाहिए जो की महिलाओं की दिनचर्या का हिस्सा है, उन्होंने फोलिक एसिड के बारे में भी जानकारी दी की किस प्रकार वह शिशु की रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है। इन्हीं चर्चाओं के साथ प्रशिक्षण का अंत करते हुए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। प्रशिक्षण में डॉक्टर शिवांगी, डॉक्टर विवेक पंत, भानु, विकासखंड समन्वयक भावना पपनै और आशा सुगमकर्ता दमयंती, माया बंगारी, रीतू कुमारी, भावना मठपाल सहित 34 आशा कार्यकर्ती शामिल थे।
रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण














