राजकीय महाविद्यालय लमगड़ा में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस किया गया आयोजित।

अल्मोड़ा। राजकीय महाविद्यालय लमगड़ा में राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस के तत्वाधान में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस आयोजित किया गया, जिसके अन्तर्गत स्वयं सेवियों द्वारा महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत् परिसर के आस-पास की झाड़ियों को काटकर परिसर को स्वच्छ किया गया। परिसर में लगे पौधों के समीप उगी घास निकालकर उनकी निराई और गुड़ाई की गई। परिसर में फैले प्लास्टिक और कूड़े को एकत्रित कर उसका निस्तारण किया गया।

तत्पश्चात् महाविद्यालय के हॉल में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. साधना पन्त द्वारा दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का प्रारम्भ किया गया व स्वयं सेवकों द्वारा सरस्वती गीत प्रस्तुत किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रेनू जोशी ने राष्ट्रीय सेवा योजना के इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना आज अपने 55वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। आज से 54 वर्ष पूर्व समाज सेवा के माध्यम से विधार्थियों के व्यकित्व विकास का उद्देश्य लेकर सरकार द्वारा इस कार्यक्रम का प्रारम्भ किया गया था। मात्र 40 हजार विद्याथियों के माध्यम से प्रारम्भ हुई इस योजना को युवाओं द्वारा जीवन शैली के रुप में अपनाया गया, जिसका प्रतिफल आज इसमें 40 लाख विद्यार्थी पंजिकृत है।

शिक्षा द्वारा समाज सेवा और समाज सेवा द्वारा शिक्षा का लक्ष्य लेकर इस योजना ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके साथ ही विभिन्न जागरुकता सम्बन्धि गतिविधियों और राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य से भी नवीन पंजीकृत स्वयं सेवकों को अवगत कराया। प्राध्यापक श्री हेमन्त कुमार बिनवाल जी ने स्वंय सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना से स्वयं सेवकों में समाज के प्रति सेवा का भाव जागृत होता है और वह स्वयं जागरुक होकर पर्यावरण, साक्षरता, स्वच्छता के प्रति अन्य लोगों को भी जागरुक करने का प्रयास करता है। इसलिये इस योजना में अधिक से अधिक छात्र – छात्राएं पंजिकृत होकर समाज सेवा में आगे आएं।

श्री सिद्वार्थ कुमार गौतम ने योजना से सम्बन्धित अपने छात्र जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि व्यक्ति इसमें समूह में रहना सीखता है और एक दूसरे का सहयोग करता है। कार्यक्रम में स्वयं सेवकों ने अपने पिछले सात दिवसीय शिविर के अनुभव बताएं। स्वंय सेवक तनुजा, माया, प्रियंका, साक्षी, राहुल, और गौरव ने गीतों, कविताओं और शायरियों के माध्यम से राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व को बताया। कार्यक्रम के अन्त में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. साधना पन्त ने स्वंय सेवकों को संबोधित करते हुए अपने पूर्व सेवा काल के अनुभवों को साझा किया और समाज सेवा हेतु छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम में समस्त स्वयं सेवक और समस्त प्राध्यापक उपस्थित रहे।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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