पनुवाद्यौखन में अपने पिता के चित्र से पहली बार रुबरु हुआ, अबोध मयंक।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। उपपा के अनुसूचित जाति युवा नेता जगदीश चंद्र की दूसरी पुण्यतिथि पर उनके गांव पनुवाद्यौखन के ग्रामीणों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि सभा आयोजित की।

इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि जगदीश की नृशंस हत्या से उनके क्षेत्र ने एक उदीयमान, मेहनती और जनता का ईमानदार नेता खो दिया है, जिससे राजनीतिक रुप से भारी क्षति हुई है। इस श्रद्धांजलि सभा के दौरान जगदीश के छायाचित्र का माल्यार्पण किया गया, और जगदीश के डेढ़ वर्षीय पुत्र मयंक की ओर से भी उसके पिता के छायाचित्र पर पुष्पमाला चढ़ा कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
ज्ञातव्य हों कि जिस समय जगदीश की निर्मम हत्या की गई थी, उस वक्त उनकी पत्नी गर्भवती थी, और बाद में ससुराल में उनका पुत्र मयंक पैदा हुआ है, और आज वह डेढ़ वर्ष का है। इस मौके पर जगदीश की पत्नी गीता (गुड्डी), बहन गंगा और मां समेत अनेक ग्रामीण महिलाएं उपस्थित थी।



