विश्व पृथ्वी दिवस पर पृथ्वी की उपयोगिता समझ पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने को कर रहे छोटे- छोटे प्रयास।

कृपाल सिंह शीला (स.अ. विज्ञान)
रा.जू.हा. मुनियाचौरा, भिकियासैंण (अल्मोड़ा)

भिकियासैंण। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर अपनी पृथ्वी, पर्यावरण के संरक्षण, संवर्द्धन व उसको साफ-स्वच्छ बनाए रखने के लिए नवाचारी शिक्षक कृपाल सिंह शीला (स.अ. विज्ञान), रा.जू. हा. मुनियाचौरा अपने स्तर से समय-समय पर छोटे-छोटे नवाचारी प्रयास करते रहते है। 1970 से प्रतिवर्ष मनाए जा रहे “विश्व पृथ्वी दिवस” के 55वें वर्ष पर इस वर्ष 2025 की थीम “हमारी शक्ति, हमारा ब्रह्मांड” है। यह थीम हमें अपनी पृथ्वी, पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने को प्रेरित करती है। इन छोटे प्रयासों में कृपाल सिंह शीला विगत 6 माह से अपने स्कूल आने-जाने के पैदल रास्ते में बच्चों द्वारा फेंके, बिखरे विभिन्न खाद्य पदार्थों के रंगीन रेपर्सों को उठाकर उनका उपयोग छोटी कक्षाओं के शिक्षण में टी.एल.एम. (शिक्षण सहायक सामग्री) के रुप में करने के साथ-साथ इनका उपयोग विभिन्न खेल सामग्री के निर्माण में व बेल वाली फसल के बीज उगाने, फूल उगाने में भी कर रहे है।

इस प्रकार के छोटे-छोटे प्रयासों से हम जमीन पर बिखरे इस अजैविक कचरे को काफी हद तक कम कर सकते है, जिससे हम अपनी पृथ्वी व पर्यावरण को साफ-स्वच्छ बनाए रखने के साथ-साथ अजैविक कचरे से भी समाधान पा सकते है। पूर्व के वर्षों में भी इनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में 25 जुलाई 2021 को श्रीदेव सुमन के बलिदान दिवस को “हरियाली दिवस” पर अपने गृहक्षेत्र के जलस्रोतों के पास वृहद वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया व 5 जून 2025 को रा.आ.प्रा.वि. बासोट में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वृहद कार्यक्रम आयोजित करने के साथ “पर्यावरण के संरक्षण में हमारी भूमिका” पर व्याख्यान रखा गया। इसके साथ ही इस कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को चौड़ी पत्ती के वृक्षों का व्यापक स्तर पर वितरण किया गया। इन दोनों आयोजनों में शिक्षा, वन विभाग के अधिकारियों की भी सक्रिय भागीदारी रही।

प्रतिवर्ष बरसात के मौसम में कृपाल सिंह शीला स्वयं भी खाली भूमि पर वृक्षारोपण करते रहते है। उन्हें अपने पर्यावरण के प्रति प्रेम, लगाव होने के साथ उन्हें कृषि व बागवानी का कार्य भी अच्छा लगता है। पर्यावरण को संतुलित बनाए रखना हम सबके लिए आवश्यक है। जब हमारा पर्यावरण साफ-स्वच्छ रहेगा तभी हम स्वस्थ जीवन जी पाएंगे। पर्यावरण है, तो हम है। हरे पेड़-पौधे हमारे पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। इनके बगैर हमारा जीवन एक मिनट भी संभव नहीं है। पृथ्वी एकमात्र ऐसा ग्रह है, जिस पर जीवन संभव है जिसे हम हरित ग्रह के नाम से जानते है। पृथ्वी पर उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर हम अपना सुखमम जीवन जीते है। पृथ्वी को प्रदूषण मुक्ति कर साफ-स्वच्छ बनाए रखना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है। बच्चों को अपने पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना व उनके मन में पर्यावरण के प्रति प्रेम जाग्रत बहुत जरुरी है। “पेड़ जिन्हें हम बेजान समझ बैठते है, वही हमारी जान है”। आओ हम सब मिलकर “विश्व पृथ्वी दिवस” पर यह संकल्प लें, कि हम अपनी पृथ्वी को हमेशा साफ-स्वच्छ रखेंगे व बरसात के समय अधिक से अधिक वृक्षों का रोपण कर इस धरा को इस हरित ग्रह को हरा-भरा बनाएंगे।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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