एक बार फिर धधक उठा बिनसर का जंगल, दाव पर लगी 2 वन रक्षकों की जान।
अल्मोड़ा। बीते दिनों बिनसर की घटना चर्चा का विषय बनी रही। आज फिर एक बार बिनसर का जंगल धधक उठा। गीतांशु जोशी (छात्रसंघ अध्यक्ष हल्द्वानी शहर) ने मौके पर पहुंच कर वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग द्वारा मात्र 2 वन रक्षक भेजे गए, जो कि बिना किसी उपकरण के वहां पहुंचे। पूछने पर पता चला कि उन्हें कोई उपकरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
समाजिक कार्यकर्ता दीप्ति नयाल व गीतांशु जोशी ने वन रक्षकों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का काफी प्रयास किया पर तेज हवा के चलते आग बढ़ती गई। जब डीएफओ अल्मोड़ा को सूचना दी गई तो उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि ऊपर से काम का काफी दबाव है और हमारे पास वर्तमान में आग बुझने के लिए यही दो वन रक्षक है।
जब बात वन मंत्री जी व वन संरक्षक (उत्तरी कुमाऊं) व जिलाधिकारी महोदय के संज्ञान में डाली गई तो कही जाकर फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की गई। परन्तु फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पूर्व ही आग फैलकर सड़क तक आ पहुंची, जिस कारण आधे घंटे तक सड़क जाम रही। शायद आज न्याय देवता गोल्जयू इन वन रक्षकों के साथ थे कि फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पूर्व ही बारिश होने लगी, जिससे आग बुझ गई।
पर सवाल ये खड़ा होता है कि बीते दिनों बिनसर में घटी घटना से वन विभाग ने क्या कोई सबक लिया…? शायद अगर सबक लिया होता तो यह परिस्थिति दोबारा हमारे सामने नहीं आती।



