नागरिक शिक्षा केन्द्र बासोट में ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ पर पहली ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। नागरिक शिक्षा केन्द्र बासोट के तत्वावधान में ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर पहली ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला भारत ज्ञान विज्ञान समिति जिला इकाई अल्मोड़ा के सहयोग से गूगल मीट के माध्यम से संपन्न हुई।
कार्यशाला का शुभारंभ महान भौतिक विज्ञानी सी. वी. रमन की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को स्मरण करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कार्यशाला की अध्यक्षता भारत ज्ञान विज्ञान समिति की राज्य उपाध्यक्ष व जिला अध्यक्ष प्रो. विजया ढौढ़ियाल ने की।
कार्यशाला में आमंत्रित मुख्य वक्ता के रुप में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के पूर्व कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी ने प्रो. रमन के जीवनवृत्त एवं विज्ञान के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। राज्य महासचिव समता डॉ. उमा भट्ट ने इस वर्ष की थीम ‘विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत को गति देने वाली’ पर अपने विचार व्यक्त किए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने एवं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त नवाचारी विज्ञान शिक्षक उमेश पांडे ने ‘रमन प्रभाव’ के संबंध में सरल एवं सहज भाषा में अपने विचार साझा किए। पिथौरागढ़ से विज्ञान शिक्षक दिनेश भट्ट ने व्यवहारिक विज्ञान से संबंधित अपने अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा किए। ज्ञान विज्ञान चिल्ड्रन एकेडमी हवालबाग के शिक्षक गोविंद ने ‘विज्ञान हमारे लिए वरदान’ विषय पर अपने विचार रखे।
ऑनलाइन कार्यशाला के समापन पर प्रो. विजया ढौढ़ियाल ने पटल पर जुड़े सभी आमंत्रित अतिथि वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति के माध्यम से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण जागृत करने वाले कार्यक्रमों को आमजन तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया।
कार्यशाला का समन्वयन एवं संचालन भारत ज्ञान विज्ञान समिति के जिला सचिव कृपाल सिंह शीला द्वारा किया गया। उन्होंने प्रो. रमन के योगदान को याद करते हुए ऑनलाइन कार्यशाला को सफल बनाने के लिए मुख्य वक्ताओं, विज्ञान प्राध्यापकों, शिक्षकों, प्रतिभागियों एवं प्रतिभागी बच्चों का आभार व्यक्त किया।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल




