राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में ‘प्राचीन भारत में बौद्ध धर्म’ विषय पर बोधिसत्व व्याख्यान माला का आयोजन।

शीतलाखेत (अल्मोड़ा)। राजकीय महाविद्यालय शीतलाखेत में बोधिसत्व व्याख्यान माला कार्यक्रम के अंतर्गत “प्राचीन भारत में बौद्ध धर्म: एक सामाजिक-वैचारिक क्रांति और उसकी प्रासंगिकता” विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया।

इस व्याख्यान के मुख्य वक्ता इतिहास के प्राध्यापक डॉ. राजेंद्र चंद्र पांडे रहे। उन्होंने बौद्ध धर्म के प्रमुख सिद्धांतों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उनके सिद्धांतों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि बौद्ध धर्म ने प्राचीन भारत में सामाजिक समरसता, नैतिकता और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के विचार आज भी समाज को शांति, सहिष्णुता और सद्भाव का संदेश देते हैं।

कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विभाग के प्राध्यापक डॉ. प्रकाश चंद्र जांगी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर ललन प्रसाद वर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों से प्रेरणा लेने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक तथा सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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