राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार, मानिला में ‘नशा मुक्त समाज’ बनाने हेतु जनजागरुकता रैली एवं नुक्कड़ नाटक का किया आयोजन।

भिकियासैंण/अल्मोड़ा। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार, मानिला की राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में 14 मार्च से 20 मार्च 2024 तक आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के तीसरे दिन का ‘प्रातः कालीन सत्र’ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी के निर्देशन में स्वयंसेवियों द्वारा प्रातः वंदना के साथ आरंभ हुआ तत्पश्चात लक्ष्यगीत का गायन किया।

इसी सत्र में रीतिका द्वारा दूसरे दिन के कार्यक्रमों का सार प्रस्तुत किया गया, वंदना शर्मा ने दैनिक समाचार पत्र की प्रमुख खबरों का वाचन किया एवं गौरव कुमार के निर्देशन में योगाभ्यास कराया गया। इसके पश्चात स्वयंसेवियों के लिए सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था की गयी। जलपान के पश्चात दूसरा सत्र आरंभ हुआ जिसमें जागरुकता रैली, नुक्कड़ नाटक एवं श्रमदान का आयोजन किया गया। इस सत्र में स्वयंसेवियों ने पहले अपने शिविर स्थल से ग्राम सभा कुणीधार अंतर्गत ग्राम खत्ता तक ‘नशा मुक्त समाज’ की महत्ता विषय पर जागरुकता रैली का आयोजन किया। इस क्षेत्र में निवासरत लोगों को ‘नशे के दुष्प्रभाव’ से अवगत कराने हेतु नुक्कड़ नाटक का प्रयोग किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी ने कहा नशा दीमक की तरह है, जिसे समय रहते दूर न किया गया तो यह उस व्यक्ति के साथ-साथ परिवार एवं समाज को भी खोखला कर देगा। एक व्यक्ति जब नशा करता है तब वह शारीरिक, आर्थिक एवं मानसिक रुप से, परिवार मानसिक और आर्थिक रुप से तथा समाज आर्थिक एवं मानव श्रम शक्ति की समस्या से संघर्ष कर रहा होता है। इसलिए ‘नशा मुक्त समाज’ हमारी आवश्यकता भी है और हमारा कर्तव्य भी। नुक्कड़ नाटक के बाद ग्रामीण क्षेत्र सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान का संचालन कर ग्रामीणों को स्वच्छता के लिए अभिप्रेरित किया।

भोजन के पश्चात बौद्धिक सत्र का संचालन किया गया, जिसमें वन दरोगा रवि नैलवाल व अजय मोहन थपलियाल ने स्वयंसेवियों के साथ अपने अनुभव साझा किये। रवि नैलवाल ने स्वयंसेवियों को वन्य जीवों से बचाव के तरीके बताए जबकि अजय मोहन थपलियाल ने प्रकृति संरक्षण पर जोर देते हुए इस दिशा में किये जा सकने योग्य संभावित प्रयासों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस सत्र में मंच संचालन वंदना शर्मा ने किया व रितिका, संजना एवं चंपा ने स्वागत गीत का गायन किया।

इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी, डॉ. शैफाली सक्सेना, डॉ. रेखा, डॉ. भावना अग्रवाल, डॉ. अर्जुन कुमार, श्रीमती देवकी देवी उपस्थित रहे। चतुर्थ सत्र मुख्य रुप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं ‘नशा मुक्त समाज की चुनौतियाँ’ तथा ‘विद्यार्थियों के रोजगारोन्मुख भविष्य’ विषय पर आयोजित चर्चा परिचर्चा पर आधारित रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन वंदना शर्मा ने किया व विचार गोष्ठी का निर्देशन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गार्गी लोहनी एवं डॉ. भावना अग्रवाल ने किया। इस विचार गोष्ठी में सभी शिविरार्थियों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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