रानीखेत महाविद्यालय ने मनाया धूमधाम से 50वीं स्वर्ण जयन्ती समारोह।
रानीखेत (अल्मोड़ा)। राजकीय महाविद्यालय रानीखेत में 50वीं स्वर्ण जयन्ती धूमधाम से मनाई गई। इस कार्यक्रम में पुरातन छात्र मिले तो स्वर्णिम यादें ताजा हो गई। समारोह में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विद्यार्थियों को सीख दी। वे बोली शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी नहीं संस्कारवान बन देवभूमि को संभालना है।

पूर्व छात्र नेताओं ने भी उस दौर को शिक्षा व्यवस्था का जिक्र कर पुराने अनुभव साझा किए। मुख्य अतिथि रेखा आर्या ने कहा 50 वर्षों के इस स्वर्णिम सफर में प्राचार्या, प्राध्यापकों, पूर्व छात्र संघ पदाधकारियों के साथ विद्यार्थियों का बड़ा योगदान रहा है। वर्तमान विद्यार्थियों को सीख कर पढ़ाई का उद्देश्य राष्ट्र निर्माण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्र मां भारती के भविष्य हैं। उन्हें इस देवभूमि और भारत को संभालना है, और देश को विश्वगुरु बनाना है। यह तब संभव होगा जब पढ़ाई के साथ सामाजिक दायित्वों को ईमानदारी से निभाएं। केवल नौकरी के लिए पढ़ना लिखना नहीं है, बल्कि संस्कारवान बन कर राष्ट्रनिर्माण के लिए शिक्षा प्राप्त करनी है। आने वाले दौर में छात्रों को ही मंच को संभालना होगा।
इससे पूर्व समारोह के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या व विशिष्ट अतिथि श्रम एवं संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, पूर्व प्रमुख व छात्र संघ अध्यक्ष धन सिंह रावत, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. सीडी सुंठा, कपकोट ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू, वर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष प्रभात रावत आदि ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

श्रम संविदा बोर्ड अध्यक्ष कैलाश पंत ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल होना जरुरी है। आज राज्य सरकार व केन्द्र सरकार बच्चों के खेल मैदान व स्टेडियम बनाने में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। महाविद्यालय द्वारा स्टेडियम या मिनीस्टेडियम के लिए जो प्रस्ताव दिया है, उस कार्य को पूर्ण करने में हर सम्भव प्रयास किया जायेगा। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रहे धन सिंह रावत, प्राचार्य डॉ. पुष्पेश पांडे, गोपाल दत्त उप्रेती आदि ने भी अपने विचार रखें। इस दौरान पुरातन छात्र-छात्राओं को विशिष्ट अतिथि कैलाश पंत ने उत्तराखंड की टोपी पहनाकर व स्वर्ण जयन्ती के बैच पहना कर स्वागत किया। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

इस मौके पर अधिवक्ता रघुनंदन वैला, कैलाश पांडे, हिमांशु उपाध्याय, प्रकाश सती, आनंद जायसवाल, विमल सत्ती, विमला रावत, एपल मेन गोपाल उप्रेती, सोपी पंत, चयनिका बिष्ट, डॉ. सोमा जोशी पांडे, कैलाश बिष्ट, मनीष जोशी, डॉ. पंकज प्रियदर्शी, रेखा सिलोरी, आनन्द कड़ाकोटी, गिरीश पांडे, संदीप खुल्बै, प्रकाश पंत, रेखा आर्या, कुबेर बिष्ट, प्रहलाद सिंह आदि भारी संख्या में लोग मौजूद थे।



