राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, किशनपुर, गौलापार में कृषि सुधारों व किसान हितैषी नीतियों पर विचार गोष्ठी हुई आयोजित।
हल्द्वानी (नैनीताल)। राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, किशनपुर, गौलापार में सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को देश के महान नेता सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचारों से जोड़ना तथा किसानों के प्रति सम्मान की भावना को विकसित करना रहा।
विचार गोष्ठी में सरदार वल्लभ भाई पटेल के कृषि सुधारों एवं किसान हितैषी नीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। महाविद्यालय प्रांगण में युवाओं को संबोधित करते हुए प्राध्यापक डॉ. सुरेश चंद्र जोशी ने कहा कि सरदार पटेल केवल देश के एकीकरण के शिल्पकार ही नहीं थे, बल्कि वे किसानों के सशक्तिकरण के भी प्रबल समर्थक थे।
तत्पश्चात ग्राम मदनपुर, गौलापार में विद्यार्थियों एवं स्थानीय कृषकों की संयुक्त सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. दीप चंद्र पांडे ने अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सरदार पटेल ने किसान आंदोलनों का नेतृत्व कर उन्हें संगठित किया और उनकी समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता दिलाई।
गोष्ठी के दौरान किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा कृषि सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं स्थानीय किसानों ने सक्रिय रुप से प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार सहित डॉ. दीप चंद्र पांडे, डॉ. प्रकाश मठपाल, डॉ. आशीष अंशु, डॉ. पूजा ध्यानी, डॉ. रीमा आर्या, डॉ. बसन्त नेगी, डॉ. अर्चना जोशी, डॉ. दीपक दयाल, डॉ. बुशरा मतीन, डॉ. भारती, डॉ. सुरेश जोशी, डॉ. गौरव जोशी, डॉ. किरन जोशी, डॉ. कंचन जोशी एवं चंद्रकला उपस्थित रहे। साथ ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अंशुमन शाह, नरेंद्र मर्तोलिया, महेश पनेरु सहित अन्य कर्मचारी एवं विद्यार्थी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
रिपोर्टर- रिया सोलीवाल










