शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन: 45,000+ छात्रों को विज्ञान से जोड़ने का अभियान।

खटीमा (उधम सिंह नगर)। उत्तराखंड के खूबसूरत क्षेत्रों में, शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन ने विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए एक उल्लेखनीय पहल शुरु की है। पिछले तीन वर्षों में, इस संगठन ने 45,000 से अधिक छात्रों तक पहुंचने का अद्भुत काम किया है, जो दूरदराज के क्षेत्रों में विज्ञान को सुलभ और आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

प्रयोग आधारित शिक्षा: एक नवीन दृष्टिकोण –
फाउंडेशन का विज्ञान शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण प्रयोग आधारित शिक्षा पर केंद्रित है। व्यावहारिक अनुप्रयोगों से सैद्धांतिक अवधारणाओं को जोड़ने के लिए इंटरैक्टिव और हाथों-हाथ प्रयोगों को डिजाइन करके, वे छात्रों को महत्वपूर्ण सोच और समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में मदद करते हैं।

एक युवा और समर्पित टीम –
शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन की टीम में स्नातक, स्नातकोत्तर और वैज्ञानिक, प्रोफेसर, शिक्षक शामिल हैं, लेकिन मुख्य रुप से, टीम को छात्र समूहों द्वारा चलाया जाता है, जो उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आते हैं। वे छात्रों को वह ज्ञान प्रदान करने का प्रयास करते हैं जो वे अपने कक्षाओं में नहीं पा सकते हैं। शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन का दृष्टिकोण उत्तराखंड के दूरदराज के क्षेत्रों में विज्ञान को बढ़ावा देना है, साथ ही साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी इसका प्रसार करना है। वे सभी छात्रों तक पहुंचने और अपनी टीम को विस्तारित करने का प्रयास कर रहे हैं।

शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन में शामिल होने की प्रक्रिया बहुत सरल है। छात्रों को केवल अपनी बारहवीं कक्षा पूरी करनी होती है, और इसके बाद वे स्वयंसेवक, सदस्य या शिवालिक परिवार के हिस्से के रुप में शामिल हो सकते हैं। संस्था इसके अतिरिक्त किताबों का वितरण करती आ रही है। संस्था के द्वारा सरकार द्वारा चलाए जा रहे विज्ञान महोत्सव, इंस्पायर अवॉर्ड, राष्ट्रीय बाल विज्ञान महोत्सव, विज्ञान संगोष्ठी आदि कार्यक्रमों में अनेकों छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शित किया है तथा राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभा कराया है। इसकी अतिरिक्त शिवालिक बाल विज्ञान फाउंडेशन प्रदेश भर के विभिन्न शहरों में नि:शुल्क प्रयोग कोचिंग शिक्षा भी प्रदान करता है। सोशल मीडिया में लाखों लोगों द्वारा उनके वीडियो को देखा जा रहा है। संस्था के यूट्यूब पर 10,000 सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम पर 24,000 फॉलोअर्स हैं और इनको देखने वालों की संख्या कई मिलियन में है ।

शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन की सफलता की कहानी –
शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन ने अपनी स्थापना के बाद से ही विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए अद्वितीय काम किया है। उनकी प्रयोग आधारित शिक्षा पद्धति ने छात्रों को विज्ञान के प्रति आकर्षित किया है और उन्हें महत्वपूर्ण सोच और समस्या-समाधान कौशल विकसित करने में मदद की है। फाउंडेशन की टीम ने उत्तराखंड के दूरदराज के क्षेत्रों में विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए बहुत मेहनत की है। उन्होंने छात्रों को विज्ञान के प्रति जुनून पैदा करने के लिए कई कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया है।

शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन के भविष्य की योजनाएं –
फाउंडेशन की टीम भविष्य में विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए और भी अधिक काम करने की योजना बना रही है। वे उत्तराखंड के और भी दूरदराज के क्षेत्रों में विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे और छात्रों को विज्ञान के प्रति जुनून पैदा करने के लिए कई कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन करेंगे। शिवालिक चिल्ड्रन साइंस फाउंडेशन की सफलता की कहानी एक प्रेरणा है कि कैसे एक छोटे से प्रयास से बड़ा परिवर्तन लाया जा सकता है। फाउंडेशन की टीम की मेहनत और समर्पण ने विज्ञान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यह एक उदाहरण है कि कैसे हम विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *