स्याल्दे का आईटीआई बंद होने की कगार पर, ग्रामीणों में आक्रोश।

भिकियासैंण। स्याल्दे विकासखंड में स्थित आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) बंद होने के कगार पर पहुंच गया है। यहां एक साथ तीन शिक्षकों के तबादले के बाद किसी ने कार्यभार नहीं संभाला। ऐसे में संस्थान की गतिविधियां ठप पड़ी हैं। क्षेत्र के प्रशिक्षु अन्य ट्रेडों की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विशेष रूप से आकांक्षी ब्लॉक स्याल्दे के होने के बावजूद, इसकी अनदेखी की जा रही है।

सराईखेत आईटीआई भी हुई बंद –
सराईखेत का आईटीआई दो साल पहले इसी तरह की उपेक्षा के चलते बंद हो चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता सुनील टम्टा ने बताया कि उन्होंने इस मामले को विभागीय अधिकारियों और मुख्यमंत्री पोर्टल पर एक साल पहले उठाया था, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो सका।

ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को हो रहा नुकसान –
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आईटीआई की सुविधाओं के अभाव में उनके बच्चे तकनीकी शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत में पूरे क्षेत्र में आईटीआई की पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं।

जनप्रतिनिधियों ने जताया रोष –
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने आईटीआई की दुर्दशा पर नाराज़गी जताई है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष शिव राज तड़याल, राज्य आंदोलनकारी राजेंद्र नेगी, जिला पंचायत सदस्य दर्शन राम आर्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य भगवान सिंह, महेश ढौढियाल और आनंद रमोला सहित कई लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र आईटीआई को फिर से चालू नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।

सरकार से मांग की जा रही है कि स्याल्दे और आस-पास के क्षेत्रों में आईटीआई की स्थिति को जल्द सुधारा जाएं, ताकि युवा तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो सकें।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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