एमबी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी में आयोजित 12 दिवसीय कार्यशाला का हुआ समापन।

हल्द्वानी। एमबी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी में गणित तथा भौतिक विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित 12 दिवसीय कार्यशाला जिसका विषय “बेसिक कॉन्सेप्ट आफ मैथमेटिक्स एंड रिसेंट ट्रेंड्स इन क्वांटम मैकेनिक्स” का समापन सत्र दोपहर 12:00 बजे से आयोजित किया गया।

समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रुप में संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रोफेसर ए. एस. उनियाल, आशुतोष उपाध्याय, प्रसिद्ध विज्ञान संचारक तथा बाल विज्ञान खोजशाला के संचालक अति विशिष्ट अतिथि के रुप में रहे। विशिष्ट अतिथि के रुप में प्रोफेसर अरविंद भट्ट समन्वयक गणित विभाग उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय हल्द्वानी तथा डॉ. स्वप्निल श्रीवास्तव सहायक प्राध्यापक गणित ECC इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा प्रोफेसर अमित कुमार विभाग प्रभारी गणित राजकीय महाविद्यालय देवीधूरा रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता के रुप में प्रोफेसर एन. एस. बनकोटी प्राचार्य एमबी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी जिला नैनीताल रहे। इस अवसर पर सर्वप्रथम प्रोफेसर नरेंद्र कुमार सिंह सिजवाली द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत उद्बोधन किया गया। तत्पश्चात डॉक्टर नवल किशोर लोहनी द्वारा कार्यशाला के क्रियाकलापों की विस्तृत रुपरेखा रखी गई। इसके उपरांत छात्र-छात्राओं द्वारा कार्यशाला का फीडबैक भी सार्वजनिक किया गया। इस अवसर पर बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र यश बिष्ट तथा एमएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र अजय विक्रम सिंह बिष्ट द्वारा कार्यशाला पर अपने विचार भी रखे गए।

मुख्य अतिथि के रुप में प्रोफेसर ए. एस. उनियाल द्वारा सीखना आसान-सीखाना कठिन कुछ समझते हुए छात्र-छात्राओं से ऋणात्मक गुणा को भी धनात्मक में बदलने तथा नकारात्मकता को सकारात्मक में बदलने पर बल देने की बात कहते हुए विकास की विभिन्न प्रक्रियाओं को गणितीय वन डाइमेंशनल, टू डाइमेंशनल तथा थ्री डाइमेंशनल के सिद्धांत से समझाया। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर आशुतोष उपाध्याय द्वारा सीखने की प्रक्रिया को तीन चरणों में समझने की बात कही गई। सीखने के लिए हमें स्वयं कोशिश करना है, सीखकर समस्याओं का समाधान करना ही स्किल है। समाज में सोशियल और डेमोक्रेटिक बनना है और सीखने के उपरांत हमें स्वयं को क्रिटिक करना आना चाहिए। दूसरों के ही नहीं बल्कि अपने गुण और अवगुणों को पहचाने की कला भी सीखनी होती है। इस कला में गणित तथा भौतिक विज्ञान के विद्यार्थियों का निपुण होना तार्किक है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पर विराजमान प्राचार्य प्रोफेसर एन. एस. बनकोटी द्वारा सभी अतिथियों तथा प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा कार्यशाला की सफल आयोजन के लिए आयोजक मंडल के सदस्यों को बधाई दी। इस अवसर पर डॉ. राकेश कुमार, डॉक्टर चारु चंद्र ढोंडियाल, डॉक्टर अमित सचदेवा, डॉक्टर प्रेम प्रकाश, डॉ. विपिन चंद्र भट्ट, डॉ. दीपक कुमार उप्रेती, डॉ. मुकुल तिवारी, प्रोफेसर सी. एस. नेगी, कमलेश चुफाल, इंद्र सिंह बढ़ती आदि मौजूद रहे।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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