“मुझको नवल उत्थान दो” प्रार्थना के साथ हुआ चतुर्थ दिवस की कार्यशाला का शुभारंभ।
भिकियासैंण। गायन/वादन की चतुर्थ दिवस की कार्यशाला में हर्षिता, चित्रा, उदिति, हर्षिता भण्डारी के द्वारा सुमधुर आवाज में “उत्तराखंड मेरी मातृभूमि” गीत सुनाया। अनमोल व प्रिया बेलवाल द्वारा “जय – जय हो बदरीनाथ” व हर्षिता नेगी, खुशी, चित्रा, हर्षिता द्वारा समूहगान “हिन्द देश के निवासी” लयबद्ध संगीत के साथ सुनाया। मुख्य प्रशिक्षक नन्दकिशोर उप्रेती द्वारा बच्चों को संगीत के सात सुरों ‘सा रे गा मा प धा नि सा’ का बारी-बारी से अभ्यास कराया।
मुख्य प्रशिक्षक सुरेश कुमार (स.अ.) चनुली – सरपटा द्वारा ‘हर देश में तू हर वेश में तू” का अभ्यास तबले की संगत के साथ कराया। कार्यशाला के द्वितीय सत्र में तेज पाल सिंह नेगी (क्षेत्रीय रामलीला निर्देशक) द्वारा बच्चों को संगीत के स्वरों का प्रायोगिक अभ्यास हारमोनियम पर कराया। कार्यशाला संयोजक कृपाल सिंह शीला द्वारा विभिन्न वंदना/प्रार्थना, समूहगान के गायन का अभ्यास कराया। कार्यशाला में सचिन, अमित, मयंक, पल्लवी, बबीता, दीपिका, विनय, मोहित, अमित ने सक्रिय प्रतिभाग किया।
इस कार्यशाला में देवन्ती देवी, गीता उप्रेती, रामदत्त उप्रेती का सराहनीय सहयोग मिला। आँगनबाड़ी कार्यकत्री देवन्ती देवी के द्वारा बच्चों को सूक्ष्म जलपान कराया। चतुर्थ दिवस की कार्यशाला के सफल समापन पर कार्यशाला के संयोजक कृपाल सिंह शीला ने सम्मानित खंड शिक्षा अधिकारी – भिकियासैंण, डॉ. रवि मेहता, सभी प्रशिक्षकों, सभी सहयोगियों व सभी प्रतिभागियों का सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।



