संभावित नगर निकाय चुनावों में प्रत्याशियों की बढ़ रही है धड़कनें।
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज होने लगी है। 8 नवंबर तक वोटर लिस्ट का प्रकाशन पूरा होने के बाद अधिसूचना जारी किए जाने की संभावना बन रही है। सबसे बड़ा इंतजार सरकार द्वारा आरक्ष्ण पर अंतिम मुहर लगाए जाने का है। फिलहाल प्रदेश में ओबीसी आरक्षण की कागजी कार्यवाही पूरी हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में निकाय चुनाव की अधिसूचना जल्द जारी होने के कयास लगातार लगाए जा रहे है। चुनाव को लेकर अभी से तमाम राजनैतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है। विभिन्न निकायों में कई संभावित प्रत्याशियों ने जन संपर्क तक शुरु कर दिया है। उम्मीद की जा रही है कि अगले हफ्ते चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।
प्रशासकों के सहारे व्यवस्था –
बता दें कि उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव तय समय सीमा से नहीं कराए जा सके है। यहां गत 2 दिसंबर 2023 में ही नगर निकायों का 5 साल का कार्यकाल खत्म हो चुका है। इसके बाद से ही तमाम नगर निकायों में प्रशासक नियुक्त किए गए थे। इस तरह प्रदेश के नगर निकायों को पिछले करीब 11 महीने से प्रशासक ही चला रहे है। समय पर चुनाव नहीं होने के कारण प्रशासकों का कार्यकाल भी दो बार बढ़ाया जा चुका है। पहले दिसंबर 2023 में 6 महीने के लिए प्रशासक बिठाए गए, फिर जून महीने में इनका कार्यकाल 3 महीने के लिए बढ़ाया गया। इसके बाद भी चुनाव नहीं हो पाने के कारण शासन ने नगर निकायों में प्रशासकों का कार्यकाल नए बोर्ड के गठन तक के लिए बढ़ाने का आदेश जारी किया। हालांकि यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा और सरकार ने हाईकोर्ट में भी अक्टूबर तक चुनाव कराने का हलफनामा दिया, लेकिन सरकार आरक्षण की व्यवस्था पूरी नहीं कर पाने के कारण चुनाव नहीं करा पाई।
इसके बाद अब राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव की तैयारी पूरी करने के बाद सरकार से जल्द ही आरक्षण व्यवस्था पर फाइनल निर्णय होने के बाद चुनाव कराए जाने का दावा किया है। फिलहाल प्रदेश में ओबीसी आरक्षण की कागजी कार्यवाही पूरी हो चुकी है, और ओबीसी आरक्षण की नियमावली के लिए अब मुख्यमंत्री के अनुमोदन का इंतजार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अनुमोदन होने के साथ ही आरक्षण की व्यवस्था का पूरा प्रारुप राज्य निर्वाचन आयोग को भेजा जाएगा और इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग निकाय चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकेगा। फिलहाल राज्य निर्वाचन आयोग निर्वाचक नामावली बनाने का काम कर रहा है। उधर 8 नवंबर तक वोटर लिस्ट का प्रकाशन भी कर लिया जाएगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार होगा। इसी दौरान राज्य निर्वाचन आयोग को आरक्षण की व्यवस्था का प्रारुप भी सरकार से प्राप्त हो जाएगा, और उम्मीद की जा रही है कि 10 नवंबर को आयोग अधिसूचना जारी कर देगा।
नियमावली का इंतजार –
नियमावली आने के बाद ये साफ हो जाएगा कि इस बार कौन-कौन से नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों में ओबीसी के कौन से पद होंगे। जनरल, एससी, एसटी के कौन से पद होंगे। अभी कई जगहों पर कयासबाजी का दौर चल रहा है।
यह भी जानिए –
उत्तराखंड में हाल ही में अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ दो नए नगर निगम बने है। यहां चुनाव को लेकर मतदाताओं में विशेष उत्साह बना हुआ है।
प्रदेश में नगर निगम की लिस्ट में –
रुद्रपुर, काशीपुर, हल्द्वानी, देहरादून, ऋषिकेष, कोटद्वार, श्रीनगर, हरिद्वार, रुड़की, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ है, इनमें से रुड़की, कोटद्वार व हरिद्वार को छोड़ सभी में भाजपा का कब्जा रहा है। वहीं नवगठित नगर निगम अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ व श्रीनगर के भाग्य का फैसला तो चुनाव के बाद ही होगा।
रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण







































