डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में ‘सस्टेनेबल टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन्स’ पर तीन दिवसीय व्याख्यानमाला कार्यक्रम का दूसरा दिन हुआ संपन्न।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में महाविद्यालय के विज्ञान विभाग के तत्वावधान में ‘सस्टेनेबल टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन्स’ के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यानमाला कार्यक्रम के दूसरे दिन “इलेक्ट्रोड्स फ्रॉम फंडामेंटल डिजाइन टू एडवांस्ड एनर्जी स्टोरेज एप्लीकेशन्स” विषय पर व्याख्यान दिया गया।
उक्त व्याख्यान कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. शीतल इस्सर, पोस्ट डॉक्टरेट, आईआईटी रुड़की (उत्तराखंड) रहे। उन्होंने थिन फिल्म इलेक्ट्रोड एवं सुपरकैपेसिटर विषय पर व्याख्यान देते हुए उन्नत ऊर्जा भंडारण एवं उसके अनुप्रयोगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ऊर्जा घनत्व, शक्ति घनत्व तथा चक्रीय स्थिरता जैसे मापदंडों को बढ़ाने के लिए थिन फिल्म इलेक्ट्रोड में निरंतर नवाचार आवश्यक है।
डॉ. शीतल इस्सर ने ऊर्जा भंडारण उपकरणों, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी, बायोगैस प्लांट तथा विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रोलाइट्स वॉटर बेस्ड इलेक्ट्रोलाइट्स, एक्वस इलेक्ट्रोलाइट्स के साथ ही कैपेसिटर, सुपरकैपेसिटर एवं बैटरी जैसे उपकरणों के अनुप्रयोग एवं उनके डिजाइनों को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अनुप्रयोगों से ऊर्जा प्रणाली अधिक इको-फ्रेंडली एवं पर्यावरण अनुकूल बन सकती है।
उन्होंने पीपीटी के माध्यम से श्रोताओं को सुपरकैपेसिटर से संचालित वाहनों की कार्यप्रणाली के विषय में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना के मार्गदर्शन में व प्रभारी प्राचार्य डॉ. साबिर हुसैन की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन संयोजक डॉ. इंदिरा द्वारा किया गया, जबकि सह-संयोजक डॉ. सोनम ने कार्यक्रम के अंत में सभी श्रोताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



