नरतोला गांव के ग्रामीण होली के रंग में खूब रंगे, जय जय हनुमान राम चरण सुख पाएं।

ओखलकांडा (नैनीताल)। गांवों से जहां शहर की ओर लोग लगातार पलायन कर रहे है, वही एक गांव ऐसा भी है, जहां हर साल लोग अपने पैतृक गांव आकर होली गायन करते है। ओखलकांडा ब्लॉक के अंतर्गत नरतोला गांव सबके लिए अभी तक मिसाल बना हुआ है। यहां ग्रामीण पुरानी परंपरा को सजीव रखने के लिए सुबह से शाम तक हर घर-घर जाकर कम से कम दो खड़ी होली और रात्रि में झोड़े गायन करते है, जिसमें महिलाएं और पुरुष दोनों अपनी-अपनी बराबरी की सहभागिता सुनिश्चित करते है।

डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह पडियार ने बताया की उनके गांव के ग्रामीण भले ही पूरे वर्ष जीवकोपार्जन हेतु शहरों में रहते हों परंतु त्योहारों में सभी लोग अपने गांव पहुंचते है, यहां की होली अधिकांश धार्मिक महाकाव्यों रामायण महाभारत और राधा कृष्ण के प्रेम से संबंधित, कृष्ण लीला से संबंधित होती है। आज रविवार की होली गायन में डिगर सिंह पडियार, धीरज सिंह, मुन्ना पडियार, किशन सिंह, खड़क सिंह, खुशाल सिंह, जगत सिंह, हिमांशु सिंह, पान सिंह पडियार, भवान सिंह चौहान, दलीप सिंह चौहान, पान सिंह चौहान, रोहित सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं गांव के वरिष्ठजन डिगर सिंह पडियार के नेतृत्व में खड़ी होली में कुछ इस तरह के रहे बोल, जय जय हनुमान राम चंद्र चरण सुख पाए, जय जय जसोदा नंदन की, गड़ लंका गढ़ कैसी बनी, जिसमें होलियार ढोल की धुन में खूब नाचे और एक दूसरे को अबीर गुलाल रंग लगाते शुभकामनाएं देते रहे।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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