डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में मौन पालन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में महाविद्यालय की करियर काउंसलिंग समिति एवं कौशल विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में मौन पालन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना की अध्यक्षता और मार्गदर्शन में आयोजित की गई। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रुप में पैलाग फाउंडेशन अल्मोड़ा से राजेंद्र सिंह बिष्ट और तरन्नुम उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना, कार्यशाला विषय विशेषज्ञ राजेंद्र सिंह बिष्ट, तरन्नुम तथा प्राध्यापकों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके बाद मुख्य वक्ता राजेंद्र सिंह बिष्ट ने प्रशिक्षुओं को मौन पालन के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मधुमक्खी के छत्तों का प्रबंधन, शहद का प्रसंस्करण और सरकारी सब्सिडी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मधुमक्खियां केवल शहद ही नहीं देतीं, बल्कि परागण के माध्यम से फसलों की पैदावार बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

राजेंद्र सिंह बिष्ट ने प्रशिक्षुओं को अच्छे उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करते हुए सफल उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी दी।

महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को अपने भीतर किसी न किसी कौशल का विकास करना आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से स्वरोजगार के प्रति जागरुक होने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित किया और कहा कि कम पूंजी में भी मौन पालन के व्यवसाय को शुरु किया जा सकता है, जो पलायन को रोकने में सहायक हो सकता है।

कार्यशाला में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, महाविद्यालय स्टाफ और स्थानीय लोगों सहित 36 प्रशिक्षुओं ने प्रतिभाग किया। साथ ही महाविद्यालय ने उपस्थित 15 छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय युवाओं को 21 दिन के मौन पालन प्रशिक्षण के लिए एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान अल्मोड़ा भेजने का निर्णय लिया है। यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क होगा तथा आने-जाने की व्यवस्था महाविद्यालय द्वारा की जाएगी। यह प्रशिक्षण स्वरोजगार स्थापना के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपा लोहनी द्वारा किया गया। कार्यशाला में डॉ. विश्वनाथ पांडे, डॉ. कौशल अग्रवाल, डॉ. दयाकृष्ण, डॉ. इला, डॉ. साबिर हुसैन, डॉ. सुभाष चंद्र, डॉ. परितोष, हेम कबडवाल, योगेश भट्ट, श्याम सुंदर, गीताजंली, सुमित बिष्ट, मोनिका, नीरज आदि उपस्थित रहे।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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