सीएचसी भिकियासैंण में विशेषज्ञ डॉक्टरों की मांग पर सातवें दिन में आम जन संघर्ष समिति के लोग सड़कों पर उतरे, तहसील में जाकर किया धरना प्रदर्शन।

भिकियासैंण। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण में सृजित विशेषज्ञ डॉक्टरों, रिक्त कर्मचारियों के खाली पदों को भरे जाने की मांग को लेकर आज मंगलवार को चल रहे सातवें दिन के क्रमिक अनशन के दौरान सड़कों में हाथ से नारे लिखे तख्तियों के साथ उतर कर विभाग के प्रति जम कर गुस्सा उतारा। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों के उपेक्षात्मक रुख से नाराज सैकड़ों लोगों ने आम जन संघर्ष समिति के बैनर तले सीएचसी परिसर से तहसील कार्यालय तक विशाल रैली निकालकर धरना प्रदर्शन किया।

मंगलवार को तय क्रार्यक्रम के अनुसार सीएचसी में डॉक्टरों आदि की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों, महिलाओं तथा युवाओं ने जबरदस्त नारेबाजी के साथ पूरे बाजार में रैली निकाली तथा उपजिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन कर धरना दिया। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा – 31 मार्च को सीएचसी पीपीपी मोड से हटकर सरकारी संचालन में आ गया था, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर तो दूर पाली, स्यालकोट तथा विनायक अस्पतालों से डॉक्टरों को अस्थाई व्यवस्था के तहत भेजा गया है। वक्ताओं ने कहा प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य मंत्री को जन सरोकारों से कोई लेना देना नहीं रह गया है। उन्होंने कहा स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा की मांग को लेकर राज्य स्थापना के 25 वर्ष बाद भी जनता को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

इस उग्र आंदोलन की सूचना पर थानाध्यक्ष भतरौंजखान सुशील कुमार व थानाध्यक्ष देघाट दिनेश नाथ महंत व अन्य भारी पुलिस बल भी समझौते तक शांति व्यवस्था में दिखाई दिया। इस मौके पर समिति संयोजक नगर पंचायत अध्यक्ष भिकियासैंण दीपक बिष्ट, व्यापार मंडल अध्यक्ष महिपाल सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रयाग शर्मा, नारायण सिंह रावत, शंकर दत्त फुलारा, पान सिंह जीना, तुला सिंह तड़ियाल, गंगा दत्त शर्मा, नीरज पधान, बी. डी. सती, नरेंद्र बिष्ट, आंनद नेगी, पुष्कर पाल, आनन्द नाथ, राकेश बिष्ट, नरेश गुप्ता, पंकज बिष्ट, गोविंद रावत, नीरज बिष्ट, निर्मला शर्मा, रीना सतपोला, पिंकी आदि सैकड़ों क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिकियासैंण में सातवें दिन क्रमिक अनशन का लिखित समझौते के साथ भारी जद्दोजहद के बाद समाप्त हो गया है। समझौते में तय हुआ कि एक हफ्ते के बाद अस्पताल में डॉक्टरों की पूर्ति होनी चाहिए, फिलहाल एक हफ्ते तक स्वास्थ्य सेवाएं रानीखेत के राजकीय डॉक्टरों द्वारा दी जाने को कहा गया है। ऐसा नहीं होने पर इससे और उग्र आंदोलन किया जाएगा। समझौते में सीएमओ आर. सी. पन्त, एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, तहसीलदार रवि शाह, संयोजक दीपक बिष्ट, महिपाल बिष्ट, आनन्द नाथ, आनन्द नेगी, राकेश बिष्ट, भावेश बिष्ट, संजय बंगारी, श्याम सिंह, तुलासिंह तड़ियाल आदि थे।

रिपोर्टर- एस. आर. चन्द्रा भिकियासैंण

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