108 इमरजेंसी सेवा का होगा विस्तार, बढ़ेगा एम्बुलेंस बेड़ा — डॉ. धन सिंह रावत।
मैदानी क्षेत्रों में 13 मिनट, पर्वतीय क्षेत्रों में 18 मिनट होगा रिस्पॉन्स टाइम।
आईपीएचएस मानकों के अनुरुप तकनीकी संवर्ग के पदों का होगा पुनर्गठन।
देहरादून। प्रदेश में 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को और अधिक सशक्त, प्रभावी व जवाबदेह बनाया जाएगा। इसके लिए नई और आधुनिक एम्बुलेंस शामिल कर बेड़े का विस्तार किया जाएगा तथा अनुभवी कार्मिकों की नियुक्ति भी की जाएगी। साथ ही पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम घटाकर आम जनता को समय पर बेहतर सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
यह जानकारी प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज शनिवार को अपने शासकीय आवास पर आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को 108 एम्बुलेंस सेवा को स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बताते हुए इसे और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
डॉ. रावत ने कहा कि एम्बुलेंस सेवा की नई निविदा प्रक्रिया के अंतर्गत आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित एम्बुलेंस को सेवा में शामिल किया जाएगा। मरीजों की बढ़ती जरुरतों को देखते हुए कॉल सेंटर में भी अतिरिक्त कार्मिकों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि एम्बुलेंस सेवा की जवाबदेही तय करते हुए रिस्पॉन्स टाइम को कम से कम रखा जाए।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मैदानी क्षेत्रों में एम्बुलेंस का अधिकतम रिस्पॉन्स टाइम 13 मिनट तथा पर्वतीय क्षेत्रों में 18 मिनट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा प्रत्येक जनपद में तीन-तीन एम्बुलेंस रिजर्व में रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में बैकअप के रुप में उनका उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि अब एम्बुलेंस मरीजों को सीधे उसी अस्पताल में पहुंचाएगी, जहां संबंधित बीमारी के उपचार हेतु चिकित्सक उपलब्ध हों।
बैठक में आईपीएचएस (Indian Public Health Standards) मानकों के अनुरुप स्वास्थ्य विभाग के तकनीकी संवर्ग के अंतर्गत लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन, ईसीजी टेक्नीशियन एवं ऑप्टोमेट्रिस्ट के पदों के पुनर्गठन के भी निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सभी चिकित्सा इकाइयों और विभागीय कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा चिकित्सकों के अवकाश के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था करने के भी निर्देश जारी किए गए।
बैठक में अपर सचिव वित्त एवं कार्मिक, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक स्वास्थ्य डॉ. शिखा जंगपांगी, संयुक्त निदेशक डॉ. अजीत मोहन जौहरी, डॉ. तुहिन कुमार सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
रिपोर्टर- रिया सोलीवाल










