श्रीराम के राजतिलक व पात्रों के सम्मान के साथ रामलीला का हुआ विधिवत समापन।
स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। विकासखंड स्याल्दे के ग्राम पंचायत भरसोली स्थित सिद्धेश्वर महादेव प्राचीन देवालय मंदिर में आयोजित रामलीला का दशम एवं अंतिम दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। समापन दिवस का शुभारंभ दीपक भट्ट कफलटाना एवं डॉक्टर नीरज शर्मा चचरोटी द्वारा संयुक्त रुप से विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर किया गया।

रामलीला के दशम दिवस का मुख्य आकर्षण रावण द्वारा मायावी विद्या से पाताल लोक के राजा अहिरावण को बुलाना, अहिरावण का रुप बदलकर राम-लक्ष्मण को पाताल लोक ले जाना, हनुमान का पाताल लोक जाकर राम-लक्ष्मण की खोज करना, मकरध्वज के साथ युद्ध, हनुमान द्वारा अहिरावण वध, राम द्वारा मकरध्वज को पाताल लोक का राजा बनाना, राम-रावण युद्ध, रावण वध एवं राम के राजतिलक का भावपूर्ण मंचन रहा, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
राम की भूमिका में नैना मयाल, लक्ष्मण की भूमिका में साक्षी भिरकनी, हनुमान के रुप में हीरा सिंह बंगारी, रावण के रुप में कुन्दन महेता, अहिरावण के रुप में प्रियांशु बंगारी तथा मकरध्वज के रुप में सचिन पंचोली ने सशक्त अभिनय कर खूब वाहवाही लूटी।
रामलीला के समापन समारोह में रामलीला समिति द्वारा सभी पात्रों एवं कार्यकर्ताओं को प्रतीक चिन्ह, रामलीला की पुस्तक एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही देवभूमि मेडिकल स्टोर देघाट के संचालक नीरज शर्मा द्वारा छोटे-छोटे बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने पर उन्हें कॉपी व पेन भेंट कर सम्मानित किया गया।
समापन अवसर पर रामलीला समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी देवी बंगारी ने रामलीला के सफल आयोजन हेतु सभी सहयोगकर्ताओं, कलाकारों, दर्शकों एवं क्षेत्रीय जनता का आभार व्यक्त किया। रामलीला के सहयोगकर्ताओं में रुपेन्द्र सिंह पालीवाल, पुष्कर सिंह बंगारी, कुन्दन सिंह पालीवाल, राजेन्द्र सिंह बंगारी, बच्चन सिंह बंगारी, महेन्द्र सिंह बंगारी, खुशहाल सिंह बंगारी, कैलाश ढौडियाल, मधुली देवी भिरकनी, हंसी देवी सजवान, कलावती देवी पालीवाल, पुष्पा देवी पाण्डे, भगा देवी ढौडियाल, प्रताप सिंह डंगवाल, हर सिंह पालीवाल सहित अन्य लोग शामिल रहे।
रिपोर्टर- रिया सोलीवाल










