डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में स्ट्रेस मैनेजमेंट एंड इमोशनल रेजिलियंस इन यूथ एंड वूमेन विषय पर आयोजित पाँच दिवसीय व्याख्यानमाला का हुआ समापन।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में महाविद्यालय के मेंटल हेल्थ क्लब एवं महिला उत्पीड़न निवारण समिति के संयुक्त तत्वावधान में स्ट्रेस मैनेजमेंट एंड इमोशनल रेजिलियंस इन यूथ एंड वूमेन थीम के अंतर्गत हाइब्रिड मोड में आयोजित पाँच दिवसीय व्याख्यानमाला कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में संचालित किया गया।

कार्यक्रम के अंतिम दिन का विधिवत शुभारंभ सरस्वती माँ की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके उपरांत समाजशास्त्र विभाग प्रभारी डॉ. इला बिष्ट ने सोशल एंजाइटी इन साइबर स्पेस विषय पर व्याख्यान देते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव और उससे होने वाले मानसिक नुकसानों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि साइबर स्पेस में दूसरों द्वारा आंके जाने का भय किस प्रकार वास्तविक जीवन के आत्मविश्वास को प्रभावित करता है, साथ ही डिजिटल तुलना और सोशल मीडिया के दबाव से निपटने हेतु व्यवहारिक रणनीतियां भी साझा कीं।

वहीं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी एवं वनस्पति विज्ञान विभाग प्रभारी डॉ. सोनम ने मानसिक स्वास्थ्य में महिला अधिकारों की अनदेखा पहलू विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि मानसिक शांति और गरिमा के साथ जीना प्रत्येक महिला का मौलिक अधिकार है। जब तक महिला मानसिक रुप से सशक्त नहीं होगी, तब तक वह अपने अधिकारों का पूर्ण उपयोग नहीं कर पाएगी।

उक्त व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन कार्यक्रम निदेशक एवं महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना की अध्यक्षता में कार्यक्रम संयोजक डॉ. दीपा लोहनी द्वारा किया गया। समापन सत्र में डॉ. दीपा लोहनी ने पाँच दिवसीय व्याख्यानमाला की आख्या प्रस्तुत करते हुए सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

इस पाँच दिवसीय व्याख्यानमाला में विभिन्न दिनों में मुख्य वक्ता के रुप में शिक्षाविद् कुबेर सिंह कड़ाकोटी, डॉ. स्वाति दीक्षित, डॉ. शिवांगी दीक्षित, स्वास्थ्य परामर्शदाता आराधना श्रीवास्तव, समाजशास्त्र विभाग प्रभारी डॉ. इला बिष्ट एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी व वनस्पति विज्ञान विभाग प्रभारी डॉ. सोनम ने प्रतिभाग किया।

प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय में मानसिक स्वास्थ्य का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस पाँच दिवसीय व्याख्यानमाला को ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया।

कार्यक्रम में डॉ. विश्वनाथ पांडे, डॉ. दयाकृष्ण, डॉ. साबिर हुसैन, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. इंदिरा, अजय पांडे, महेश चंद्र सहित समस्त महाविद्यालय स्टाफ, स्थानीय महिलाएं, स्थानीय नागरिक एवं छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से प्रतिभाग कर व्याख्यान कार्यक्रम का लाभ लिया।

रिपोर्टर- रिया सोलीवाल

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