बीईओ वंदना रौतेला की समीक्षा बैठक, शैक्षिक गुणवत्ता सुधार पर दिया जोर।
स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। विकासखंड स्याल्दे की खंड शिक्षा अधिकारी वंदना रौतेला ने बीआरसी सभागार स्याल्दे में विकासखंड के समस्त राजकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में नवीन शैक्षिक सत्र की तैयारियों, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा परिणामों, छात्रहित योजनाओं तथा विद्यालयी व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान बीईओ ने विद्यालयवार बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा करते हुए बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को बधाई दी, वहीं कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों को सुधार हेतु ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की सराहना की गई।
गर्मी के मौसम को देखते हुए विद्यालयों में पेयजल, पंखों एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा हीट वेव से बचाव के निर्देश दिए गए। वनाग्नि की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विद्यालय परिसरों की स्वच्छता बनाए रखने एवं जागरुकता अभियान चलाने को भी कहा गया।
साथ ही आगामी 07 मई 2026 को कृमि मुक्ति दिवस के सफल आयोजन, दवा वितरण एवं अभिलेखों के संधारण के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों का समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
बीईओ ने मिशन कोशिश एवं मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत शैक्षिक गुणवत्ता, शिक्षकों की कार्यकुशलता एवं नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता, वितरण एवं विषयवार रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना की पारदर्शिता, नियमित ऑनलाइन प्रविष्टि एवं छात्र उपस्थिति अद्यतन रखने पर जोर दिया गया। विज्ञान शिक्षण में प्रयोगशालाओं के उपयोग तथा पुस्तकालय के माध्यम से पठन संस्कृति विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अतिरिक्त विद्यालयों के अभिलेख अद्यतन रखने, सेवा पुस्तिकाओं एवं अध्यापक डायरी का संधारण करने तथा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सेवानिवृत्त कार्मिकों के लंबित देयकों का शीघ्र निस्तारण करने को भी कहा गया।
अंत में बीईओ ने कहा कि विद्यालय समाज निर्माण के केंद्र हैं और सभी प्रधानाचार्य जिम्मेदारी एवं समर्पण भाव से कार्य करें, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में विकासखंड नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सके।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल










