होमगार्ड भर्ती में आरक्षण को लेकर उठे सवाल, पदों के सही आवंटन की उठी मांग।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड में प्रस्तावित होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया को लेकर एससी-एसटी शिक्षक एसोसिएशन ने गंभीर आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि भर्ती में अनुसूचित जाति और आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए पदों का आवंटन आरक्षण नियमों के अनुरुप नहीं किया गया है।
इसी क्रम में शिल्पकार सेवा समिति भिकियासैंण के अध्यक्ष धनीराम टम्टा ने भी इस मामले में रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार अनुसूचित जातियों के हकों पर कुठाराघात कर रही है।
एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार टम्टा के अनुसार, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा मुख्यालय, देहरादून द्वारा 28 अप्रैल 2026 को जारी विज्ञापन में कुल 920 पदों की जानकारी दी गई है। इसमें एससी वर्ग के लिए केवल 48 पद निर्धारित किए गए हैं, जबकि 19% आरक्षण के अनुसार यह संख्या लगभग 175 होनी चाहिए थी। वहीं, 10% आरक्षण वाले ईडब्ल्यूएस वर्ग को 87 पद आवंटित किए गए हैं।
सभी पदाधिकारियों ने निष्पक्ष जाँच कराने और आरक्षण रोस्टर को सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि रोस्टर के आंकड़े कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं, और पारदर्शिता की कमी साफ नजर आती है।
उन्होंने कहा कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई सरकारी भर्तियों में अनुसूचित जाति वर्ग के आरक्षण की अनदेखी के आरोप लगते रहे हैं।
उन्होनें मुख्यमंत्री, संबंधित विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष, अनुसूचित जाति आयोग, एससी-एसटी से जुड़े मंत्री और विधायकों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक एससी वर्ग को उसका 19% आरक्षण पूर्ण रुप से नहीं मिलेगा, तब तक संगठन अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाता रहेगा।



