एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने पुलिस कार्यालय नैनीताल का किया वार्षिक निरीक्षण।
अभिसूचना इकाई को उत्कृष्ट कार्यालय व्यवस्था एवं अभिलेख रखरखाव पर मिला नगद पुरस्कार।
नैनीताल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. द्वारा पुलिस कार्यालय नैनीताल का वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न शाखाओं के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने मानकों के अनुरुप बीट आउट व्यवस्था को प्रभावी रुप से संचालित करने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी संपत्तियों के रखरखाव एवं अभिलेखों के सुव्यवस्थित संरक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
निरीक्षण के दौरान आंकिक शाखा, प्रधान लिपिक शाखा, वाचक कार्यालय, समन सेल, HRMS, MCU, DCRB शिकायत प्रकोष्ठ, CCTNS, अभिसूचना इकाई नैनीताल कार्यालय एवं रिकॉर्ड रुम सहित अन्य शाखाओं का गहन निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर एसपी कार्यालय नैनीताल द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण कराते हुए संबंधित अभिलेखों एवं कार्यप्रणाली की जानकारी उपलब्ध कराई गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल द्वारा सभी शाखा प्रभारियों को अभिलेखों के नियमित अद्यतन, कार्यालयों की स्वच्छता, अनुशासन एवं कार्यों के समयबद्ध निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया।
दस्तावेज निरीक्षण के दौरान अभिलेखों के रखरखाव, पंजिकाओं के अद्यतन, पत्रावलियों के व्यवस्थित संधारण एवं आवश्यक अभिलेखों के समयानुसार संकलन की भी समीक्षा की गई। अभिलेखों को सुव्यवस्थित एवं अद्यतन बनाए रखने के लिए संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस दौरान निरीक्षक अभिसूचना इकाई नैनीताल ज्ञानेंद्र शर्मा एवं उनकी टीम के उत्कृष्ट टर्न आउट, कार्यालय के बेहतरीन रखरखाव एवं अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण की एसएसपी नैनीताल द्वारा सराहना की गई। उत्कृष्ट कार्य एवं अनुकरणीय कार्यालय व्यवस्था हेतु अभिसूचना इकाई नैनीताल को ₹1,000/- के नगद पुरस्कार से सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया गया।
निरीक्षण के दौरान एसपी क्राइम/ट्रैफिक नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र, पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, एसपी संचार नैनीताल रेवाधर मठपाल, क्षेत्राधिकारी नैनीताल/भवाली रविकांत सेमवाल, पुलिस उपाधीक्षक अंजना, प्रतिसार निरीक्षक नैनीताल हरकेश कुमार, निरीक्षक अभिसूचना इकाई नैनीताल ज्ञानेंद्र शर्मा, प्रधान लिपिक हिमांशु पंत, देवेंद्र राजपूत (वाचक), आशुलिपिक साधना एवं पीआरओ हेमा ऐठानी उपस्थित रहे।



