अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में पहली एफआईआर दर्ज, आरबीआई की फॉरेंसिक जाँच में गड़बड़ी की पुष्टि।
देहरादून। अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में आरबीआई की फॉरेंसिक जाँच में घोटाले की पुष्टि होने के बाद मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज की गई है। वर्तमान शाखा प्रबंधक रिंकू गौतम की शिकायत पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्राथमिकी में बैंक के तत्कालीन सचिव (जिनकी मृत्यु हो चुकी है), दो शाखा प्रबंधकों, एक कार्यकारी प्रबंधक तथा एक हार्डवेयर इंजीनियर को नामजद किया गया है। आरोप है कि सभी ने आपसी मिलीभगत कर बैंक रिकॉर्ड में छेड़छाड़ करते हुए करोड़ों रुपये का गबन किया। साथ ही कई ग्राहकों के खातों से धनराशि अपने खातों में ट्रांसफर किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
मामले की जाँच पुलिस की एसआईटी एवं आरबीआई द्वारा गहनता से की जा रही है। जाँच एजेंसियों के अनुसार जल्द ही इस प्रकरण में कुछ और प्राथमिकियां भी दर्ज की जा सकती हैं।
गौरतलब है कि गत फरवरी माह में अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया था। इसके बाद आरबीआई ने बैंक के वित्तीय लेनदेन पर रोक लगाते हुए जाँच शुरु की थी। मामले से परेशान ग्राहक लगातार प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
उधर पुलिस द्वारा गठित एसआईटी भी मामले की जाँच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जाँच के बाद ही घोटाले की वास्तविक राशि और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।



