एबीवीपी जिला संयोजक धीरज गड़कोटी और शिक्षक जानकी प्रसाद ने राज्यमंत्री शंकर कोरंगा से की मुलाकात।
रमक शिवादित्य मंदिर को मानसखण्ड कॉरिडोर में शामिल करने और ढोलीगाँव-रमक सड़क के डामरीकरण की उठाई मांग।
चम्पावत/देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नैनीताल जिला संयोजक धीरज गड़कोटी एवं स्थानीय शिक्षक जानकी प्रसाद ने संयुक्त रुप से उत्तराखंड सरकार के राज्यमंत्री (जलागम परिषद) शंकर कोरंगा से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने चम्पावत जनपद के सीमांत एवं दूरस्थ रमक क्षेत्र की प्रमुख जनसमस्याओं तथा पौराणिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा की और त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए दो महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपे।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यमंत्री के समक्ष रमक क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा कि क्षेत्र में स्थित शिवादित्य मंदिर अत्यंत प्राचीन एवं अद्वितीय धार्मिक स्थल है। इस मंदिर की विशेष मान्यता है कि यह पूरे देश एवं प्रदेश में भगवान शिव और भगवान सूर्य देव के चुनिंदा साझा मंदिरों में से एक है। उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय के संदर्भ पत्र संख्या E-590647 का हवाला देते हुए इस अलौकिक मंदिर को सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मानसखण्ड कॉरिडोर’ योजना के अंतर्गत प्रमुखता से शामिल किए जाने की मांग की, ताकि मंदिर का कायाकल्प, सौंदर्यीकरण एवं धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर उसका समुचित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

इसके साथ ही जिला संयोजक धीरज गड़कोटी एवं शिक्षक जानकी प्रसाद ने अपने गृह क्षेत्र की सबसे बड़ी बुनियादी समस्या ढोलीगाँव से रमक तक की कच्ची सड़क का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राज्यमंत्री को अवगत कराया कि इस महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग को पक्का (डामरीकृत) करने की घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा लगभग तीन वर्ष पूर्व की जा चुकी है तथा मुख्यमंत्री सचिवालय (संदर्भ संख्या 590651/2026) द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग को भी भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अब तक धरातल पर कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों, बीमार बुजुर्गों तथा प्रतिदिन विद्यालय एवं महाविद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं को अत्यंत कठिन एवं जोखिमपूर्ण मार्ग से आवागमन करना पड़ रहा है।
राज्यमंत्री शंकर कोरंगा ने दोनों विषयों को गंभीर एवं जनहित से जुड़ा हुआ बताते हुए प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे स्वयं इन दोनों प्रकरणों पर मुख्यमंत्री कार्यालय तथा संबंधित पर्यटन एवं लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों से वार्ता करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिवादित्य मंदिर को मानसखण्ड कॉरिडोर से जोड़ने तथा ढोलीगाँव-रमक सड़क मार्ग के शीघ्र डामरीकरण के लिए शासन स्तर पर हरसंभव प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, जिससे दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों एवं युवाओं को राहत मिल सके।



