अधूरे निर्माण कार्य ने बढ़ाई मुसीबत, सिंचाई विभाग की लापरवाही से हरिपुर क्षेत्र में घुसा बरसाती पानी।
चौफुला चौराहे पर अधूरा छोड़ा गया नाला बना जलभराव की वजह, घरों में घुसा पानी, लोगों ने जल्द समाधान की उठाई मांग।
हल्द्वानी (नैनीताल)। उत्तराखंड में मानसून अपने चरम पर है। इसके साथ ही सिंचाई विभाग की कथित लापरवाही स्थानीय लोगों पर भारी पड़ने लगी है। आरोप है कि जंगला चौकी से आने वाले बरसाती नाले का निर्माण कार्य सिंचाई विभाग ने चौफुला चौराहे तक कर अधूरा छोड़ दिया है। आगे का निर्माण कार्य बंद होने के कारण नाले का रुख बदल गया, जिससे शनिवार को भारी मात्रा में बरसाती पानी सीधे हरिपुर शील, बिठौरिया नंबर-02, वार्ड संख्या-37 एवं 38 के रिहायशी क्षेत्रों में घुस गया।
घरों और कॉलोनियों में भरा लबालब पानी:
चौफुला चौराहे पर पानी की निकासी बाधित होने से बरसाती पानी का पूरा बहाव हरिपुर शील क्षेत्र की कॉलोनियों की ओर मुड़ गया। स्थिति यह रही कि दर्जनों घरों, गलियों और मुख्य मार्गों पर कई फीट तक पानी भर गया। लोगों के कमरों और रसोई तक पानी पहुंचने से घरेलू राशन और कीमती सामान भी खराब हो गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे पूरी रात जागकर घरों से पानी निकालने को मजबूर हैं, लेकिन जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
जनता में भारी आक्रोश, प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग:
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि सिंचाई विभाग को अधूरे निर्माण कार्य से उत्पन्न होने वाले खतरे के बारे में पहले भी अवगत कराया गया था, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि चौराहे पर निर्माण कार्य अधूरा छोड़ देने के कारण अब पूरा क्षेत्र जलभराव और संभावित महामारी के खतरे से जूझ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कर अधूरे नाले के निर्माण कार्य को पूरा करते हुए पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल










