देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप का आयोजन, युवाओं को उद्यमिता के लिए किया जा रहा प्रेरित।
हल्द्वानी (नैनीताल)। उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखण्ड सरकार की महत्वाकांक्षी देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (EDII India) द्वारा ईटीसी बागजाला में तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंप का आयोजन किया गया। इस बूट कैंप का उद्देश्य नैनीताल जनपद के उत्तराखण्ड शासन के उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को उद्यमिता के प्रति प्रेरित करना तथा उन्हें स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्राचार्य ईटीसी पूनम कांडपाल, डॉ. हरीश चंद्र जोशी (रामगढ़ महाविद्यालय), डॉ. कविता पंत (दोसापानी), डॉ. बुरहरा (गौलापार) तथा डॉ. आशीष अंशु (महाविद्यालय गौलापार) द्वारा संयुक्त रुप से किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता, नवाचार एवं स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उद्यमिता को भविष्य की आवश्यकता बताया।
तीन दिवसीय इस आवासीय बूट कैंप में कुल 43 प्रतिभागी छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान उद्यमिता विशेषज्ञों द्वारा उद्यमी मानसिकता विकास, व्यवसायिक विचार सृजन, विपणन, ब्रांडिंग, ब्रेनस्टॉर्मिंग तथा आइडिया वैलिडेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर कुल पाँच सत्रों का आयोजन किया गया। साथ ही समूह गतिविधियों एवं व्यक्तिगत सहभागिता आधारित अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों के व्यावहारिक कौशल का विकास भी किया गया।
कार्यक्रम में ईडीआईआई इंडिया के विशेषज्ञ प्रोजेक्ट ऑफिसर नैनीताल भूपेंद्र सिंह मेहरा, अल्मोड़ा जिले के प्रोजेक्ट ऑफिसर महेंद्र सिंह रौतेला एवं डॉ. रजत शर्मा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा उन्हें अपने नवाचार आधारित विचारों को सफल उद्यमों में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के आयोजकों ने जानकारी दी कि राज्यभर में आयोजित किए जा रहे तीन दिवसीय आवासीय बूट कैंपों के सफल प्रतिभागियों एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन आगामी छह दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) के लिए किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कॉलेज शिक्षा पूर्ण होने के पश्चात स्वरोजगार एवं उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के अवसर विकसित करना है।
यह बूट कैंप उत्तराखण्ड के युवाओं में उद्यमशीलता की भावना विकसित करने तथा राज्य में नवाचार आधारित स्टार्टअप संस्कृति को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल










