राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर में धूमधाम से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस।
हल्द्वानी (नैनीताल)। राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, गौलापार में 80वां स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम एवं राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
ध्वजारोहण के साथ हुआ समारोह का शुभारंभ:
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी द्वारा माता सरस्वती एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर स्वतंत्रता दिवस समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। ध्वजारोहण के पश्चात महाविद्यालय परिवार के समस्त सदस्यों द्वारा राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत हो उठा।
उच्च शिक्षा निदेशक का सुनाया स्वतंत्रता दिवस संदेश:
कार्यक्रम की अगली कड़ी में प्राध्यापक डॉ. बसन्त नेगी द्वारा प्रो. वी. एन. खाली, निदेशक उच्च शिक्षा, उत्तराखंड का महाविद्यालय परिवार के नाम स्वतंत्रता दिवस संदेश पढ़कर सुनाया गया। संदेश में राष्ट्र निर्माण में उच्च शिक्षा की भूमिका, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों तथा देश के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने पर बल दिया गया।
छात्र संघ अध्यक्ष ने व्यक्त किए विचार:
इसके पश्चात निवर्तमान छात्र संघ अध्यक्ष कुमारी ललिता परगाई ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता केवल राजनीतिक आजादी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के साथ-साथ समाज में महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को किया याद:
कार्यक्रम में प्राध्यापक डॉ. महिराज मेहरा ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों एवं अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर देश, समाज और मानवता के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान:
प्राध्यापक डॉ. प्रकाश मठपाल ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र की प्रगति एवं सुरक्षा में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और युवाओं में अनुशासन, परिश्रम, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रप्रेम की भावना ही भारत को विकसित एवं सशक्त राष्ट्र बनाने की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित में कार्य करने तथा देश की उन्नति के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां:
छात्रा सुषमा टम्टा एवं महाविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का वातावरण उत्पन्न कर दिया।
प्रभारी प्राचार्य ने राष्ट्र निर्माण के विभिन्न आयामों पर डाला प्रकाश:
कार्यक्रम के मुख्य संबोधन में प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देशभक्ति, राष्ट्रवाद एवं राष्ट्र निर्माण के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता हमें अनेक वीरों के संघर्ष और असंख्य लोगों के बलिदान के पश्चात प्राप्त हुई है। इसलिए स्वतंत्रता के मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है।
अपने संबोधन में उन्होंने विश्व के विभिन्न देशों के राष्ट्रवाद एवं राष्ट्रीय पुनर्निर्माण से जुड़े प्रेरक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए जापान और जर्मनी के उदाहरण प्रस्तुत किए तथा विद्यार्थियों को राष्ट्र के प्रति समर्पण, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की भावना से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं होती, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी, कार्य के प्रति ईमानदारी और सकारात्मक सोच इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बताया राष्ट्र निर्माण का हिस्सा:
प्रो. कलौनी ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को भी राष्ट्र निर्माण का अभिन्न अंग बताते हुए विद्यार्थियों से अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा यदि दृढ़ संकल्प, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े तो भारत को विश्व के अग्रणी राष्ट्रों की श्रेणी में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने युवाओं में देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने तथा राष्ट्र की उन्नति में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को किया सम्मानित:
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में महाविद्यालय में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन प्राध्यापिका डॉ. कंचन जोशी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सामूहिक रुप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया। इसके साथ ही स्वतंत्रता दिवस समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी, वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. भारती बहुगुणा, डॉ. प्रकाश मठपाल, डॉ. महिराज मेहरा सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी, छात्र संघ पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल













