पति-पत्नी ने किया अंगदान का संकल्प, मृत्यु के बाद दूसरों को देंगे जीवन।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। विकासखंड भिकियासैंण के बासोट निवासी 75 वर्षीय त्रिलोचन करगेती और उनकी 70 वर्षीय पत्नी मोहनी करगेती ने अंगदान को लेकर सराहनीय पहल की है। दोनों पति-पत्नी ने मृत्यु के बाद अपने अंगदान करने का संकल्प लिया है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
त्रिलोचन करगेती ने बताया कि वह पिछले करीब आठ वर्षों से अंगदान करने का मन बना रहे थे। उनका मानना है कि मृत्यु के बाद भी यदि उनके अंग किसी जरुरतमंद को नया जीवन देने में काम आ सकें, तो इससे बड़ा दान कोई नहीं हो सकता।
उन्होंने बताया कि अपनी याद को संजोए रखने के लिए उन्होंने अपने डेढ़ नाली के खेत में दो पीपल के पौधे लगाए हैं। पति-पत्नी की इस पहल को समाज में अंगदान के प्रति जागरुकता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उक्त परिवार मूल रुप से सल्ट के ग्राम तया के कालीगाँव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वे दशकों से विकासखंड भिकियासैंण के बासोट में निवास कर रहे हैं।
उनकी इस देहदान की पहल ने विकासखंड भिकियासैंण में एक पहली व अनूठी पहल को जगजाहिर करने का संकल्प लिया है। इस पहल की सभी राजनीतिक संगठनों, संस्थाओं व बुद्धिजीवियों ने सराहना की है।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल




