राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर की दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता संपन्न।

हल्द्वानी (नैनीताल)। राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, गौलापार में दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता के दूसरे दिन विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साह, उमंग एवं खेल भावना के साथ किया गया। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भी छात्र-छात्राओं ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करते हुए अपनी खेल प्रतिभा एवं कौशल का प्रदर्शन किया।

1500 मीटर दौड़ से हुई दूसरे दिन की शुरुआत:
दूसरे दिन की खेल प्रतियोगिताओं का शुभारंभ बालिका वर्ग की 1500 मीटर दौड़ से हुआ, जिसमें मंजू, चंद्रा एवं अंकिता ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके पश्चात बालक वर्ग की 1500 मीटर दौड़ आयोजित की गई, जिसमें राजेश एवं आशुतोष ने क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय स्थान हासिल किया।

इसके अतिरिक्त शतरंज प्रतियोगिता के बालक वर्ग में राजेश एवं आशुतोष ने क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, बालिका वर्ग की शतरंज प्रतियोगिता में रिया, उदिति एवं गीता ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल किया। कैरम प्रतियोगिता के बालिका वर्ग में मंजू एवं लक्ष्मी ने क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

पुरस्कार वितरण समारोह में विजेता प्रतिभागी हुए सम्मानित:
प्रतियोगिताओं के समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. भुवन मठपाल ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष प्रकाश गरजोला, विजेंद्र मेहरा, महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश चंद्र कलौनी, क्रीड़ा प्रभारी डॉ. आशीष अंशु एवं अन्य प्राध्यापकों द्वारा विभिन्न खेल स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विजेता प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की गई।

अतिथियों एवं प्राध्यापकों ने खेलों के महत्व पर डाला प्रकाश:
मुख्य अतिथि प्रकाश गरजोला ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को खेलों के प्रति रुचि विकसित करने तथा शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ खेलकूद में भी सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, परिश्रम एवं सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। खेलों में प्राप्त अनुभव जीवन की चुनौतियों का सामना करने और लक्ष्य प्राप्ति के लिए भी प्रेरित करते हैं।

डॉ. प्रकाश मठपाल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को खेलों के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि खेलकूद जीवन में अनुशासन, नियमितता एवं आत्मविश्वास विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप खेल गतिविधियों में निरंतर भाग लेने तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

डॉ. भारती बहुगुणा ने अपने संबोधन में कहा कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ-साथ उनमें सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पढ़ाई एवं खेलकूद के बीच संतुलन बनाए रखते हुए प्रत्येक गतिविधि में उत्साह और समर्पण के साथ प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया।

महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश चंद्र कलौनी ने अपने संबोधन में कहा कि खेलकूद विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेलों से न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना जैसे गुणों का भी विकास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि खेलों में जीत और हार से अधिक महत्वपूर्ण सहभागिता, निरंतर प्रयास एवं खेल भावना है। साथ ही, उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए क्रीड़ा प्रभारी एवं आयोजन में सहयोग करने वाले सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सराहना की।

क्रीड़ा प्रभारी ने सभी सहयोगियों के प्रति जताया आभार:
महाविद्यालय के क्रीड़ा प्रभारी डॉ. आशीष अंशु ने अपने संबोधन में दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन एवं सामूहिक सहभागिता का अवसर प्रदान करती हैं।

उन्होंने प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करने वाले सभी छात्र-छात्राओं, निर्णायकों एवं आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से सहयोग करने वाले सभी प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने मुख्य अतिथि श्री प्रकाश गरजोला, श्री विजेंद्र मेहरा, प्रभारी प्राचार्य एवं सभी उपस्थित अतिथियों के प्रति विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम के अंत में प्राध्यापिका डॉ. कंचन जोशी द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के क्रीड़ा प्रभारी डॉ. आशीष अंशु, वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. भारती बहुगुणा, डॉ. प्रकाश मठपाल एवं डॉ. महिराज मेहरा सहित समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *