13-14 मई को दिव्य अनुष्ठानों के साथ होगा सिद्धेश्वर धाम मानिला मंदिर का भव्य पुनर्प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। मानिला स्थित सिद्धेश्वर धाम मंदिर का पुनर्निर्माण दिव्य और भव्य स्वरुप में संपन्न हो गया है। देवालय में प्राण-प्रतिष्ठा एवं जागरण कार्यक्रम का आयोजन 13 और 14 मई को कलश यात्रा व विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा।

‘द्वी थानों का बीचों-बीच यौ रुपसा डानी, एकमा सरस्वती रैछ, एकमा भवानी’ — लोकगायक हीरा सिंह राणा के सुप्रसिद्ध गीत की यह पंक्ति मानिला की दिव्यता और धार्मिक महत्ता को अभिव्यक्त करती है।

मानिला देवी मंदिर, जो क्षेत्र में शक्ति और भक्ति का प्रतीक है, उसके निकट आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज मानिला परिसर क्षेत्र में स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसी मंदिर में 13 व 14 मई को प्राण-प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

बुधवार, 13 मई 2026 को प्रातः 8:00 बजे मानिला देवी धाम से कलश यात्रा नगाड़े-निशान के साथ प्रारंभ होगी। यह यात्रा इंटर कॉलेज गेट से रतखाल बाजार होते हुए नगर भ्रमण कर सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। इसके उपरांत गणेश पूजा, अधिवास अनुष्ठान, भजन संध्या, भोजन प्रसाद एवं रात्रि जागरण का आयोजन किया जाएगा।

गुरुवार, 14 मई 2026 को नित्यक्रम पूजा-अर्चना, प्रतिष्ठा विग्रह पूर्णाहुति, संत पूजन, कन्या पूजन एवं विप्र पूजन के साथ महाप्रसाद और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर परम संरक्षक नागा बाबा श्री गंगा गिरि महाराज विशेष रुप से उपस्थित रहेंगे।

ज्ञातव्य है कि लगभग दो वर्ष पूर्व सिद्धेश्वर मंदिर पुनर्निर्माण समिति का गठन मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लेकर किया गया था। समिति के अध्यक्ष मनमोहन सिंह एवं कोषाध्यक्ष रमेश लखचौरा के नेतृत्व में क्षेत्रीय जनता के साथ विचार-विमर्श कर क्रमबद्ध रुप से कार्य प्रारंभ किया गया। सभी क्षेत्रवासियों के सहयोग से मंदिर के पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

मंदिर के पुनर्निर्माण एवं सौंदर्यीकरण हेतु क्षेत्र में रामलीला मंचन, होली गायन, सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से जनसहयोग प्राप्त हुआ। आदर्श राजकीय इंटर कॉलेज मानिला के पूर्व शिक्षकों एवं छात्रों का भी इस कार्य में विशेष योगदान रहा।

श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना वर्ष 1975 में राजकीय इंटर कॉलेज मानिला के तत्कालीन प्रधानाचार्य स्वर्गीय चिरंजी लाल वर्मा एवं उनके सहयोगियों द्वारा की गई थी। यह मंदिर केवल एक देवालय नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार और शिव-चेतना की अक्षुण्ण परंपरा का प्रतीक है। इसका पुनर्निर्माण उस कालजयी चेतना के पुनर्स्थापन का प्रतीक माना जा रहा है।

प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के मुख्य यजमानों में अंजू जीना एवं महेश जीना विधायक सल्ट, भूपेंद्र पाल सिंह खाती, दीवान सिंह नेगी, सुरेश सतपोला, रविंद्र सत्यवली, नरेश नैलवाल तथा रवि चौहान शामिल हैं। यह आयोजन समस्त क्षेत्रीय जन, भक्तजन, श्री सिद्धेश्वर महादेव समिति तथा श्री रामलीला रंगमंच समिति के सहयोग से संपन्न कराया जा रहा है।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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