महिला उत्पीड़न मामले में भाजपा नेता को राहत नहीं, हाईकोर्ट ने दिया सुलह का निर्देश।

नैनीताल। महिला उत्पीड़न के आरोपी भतरौंजखान के भाजपा नेता नंदन सिंह रावत को हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। न्यायालय ने उन्हें तीन दिन के भीतर शिकायतकर्ता महिला से संपर्क कर मामले को सुलझाने का मौखिक निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च 2026 को होगी।

नंदन सिंह रावत के खिलाफ एक अनुसूचित जाति की महिला ने भतरौंजखान थाने में शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण के साथ-साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता वर्तमान में अल्मोड़ा जिले में सरकारी सेवा में कार्यरत है।

महिला का आरोप है कि करीब नौ वर्ष पूर्व अल्मोड़ा के चितई मंदिर में दोनों का विवाह हुआ था। इसके बाद से आरोपी द्वारा लगातार शोषण किया गया। महिला के अनुसार, इस दौरान दोनों ने राज्य के भीतर और बाहर साथ समय बिताया, और आरोपी उसके घर पर परिवार के साथ भी रहा।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके सरकारी पद का लाभ उठाते हुए उससे गाड़ी, कपड़े, मकान का किराया और निजी खर्चों के नाम पर लाखों रुपये लिए। जब महिला ने इस संबंध को कानूनी मान्यता देने के लिए विवाह पंजीकरण की बात की, तो आरोपी के परिजनों ने जातिगत आधार पर इनकार कर दिया।

इस मामले में गिरफ्तारी पर रोक और मुकदमा निरस्त करने की मांग को लेकर नंदन सिंह रावत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता को शिकायतकर्ता से मिलकर समाधान निकालने की सलाह दी और 27 मार्च 2026 को इसकी स्थिति से अवगत कराने को कहा है।

पीड़िता ने 09 मार्च 2026 को थाना भतरौंजखान जिला अल्मोड़ा में लिखित तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई थी।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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