खटीमा महाविद्यालय में प्राचार्य ने किया विभिन्न विभागों का निरीक्षण, विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया जोर।
खटीमा (उधम सिंह नगर)। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने, महाविद्यालय की मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने तथा विभागीय व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से हेमवती नन्दन बहुगुणा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय खटीमा के प्राचार्य प्रोफेसर सुनील कुमार कटियार ने महाविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं कक्षों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं तथा छात्र-छात्राओं को होने वाली समस्याओं का जायजा लेते हुए संबंधित विषयों पर आवश्यक ध्यान देने की जरुरत पर बल दिया।
निरीक्षण के दौरान पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, शौचालयों की स्थिति, कक्षाओं में फर्नीचर की उपलब्धता, विभागीय कक्षों की व्यवस्थाओं तथा छात्र-छात्राओं की दैनिक शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ी समस्याओं का अवलोकन किया गया। विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, व्यवस्थित कक्षाएं और पर्याप्त फर्नीचर जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी पर जोर दिया गया।

प्राचार्य ने विभागों में शिक्षण कार्य के संचालन, कक्षाओं की व्यवस्था तथा विद्यार्थियों को अध्ययन के दौरान होने वाली असुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि महाविद्यालय में आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना, उनकी प्रकृति को समझना तथा संबंधित स्तर पर उनका समाधान सुनिश्चित करना संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
प्राचार्य ने महाविद्यालय की व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए संबंधित विभागों एवं कर्मचारियों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा समस्याओं के निराकरण की दिशा में आवश्यक पहल करने पर जोर दिया। निरीक्षण का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं का अवलोकन करना ही नहीं, बल्कि उन बिंदुओं को चिह्नित करना भी है, जिनमें सुधार करके विद्यार्थियों को अधिक सुविधाजनक, स्वच्छ और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण प्रदान किया जा सके।
महाविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के लिए आवश्यक है कि शिक्षण कार्य के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं पर भी निरंतर ध्यान दिया जाए। पेयजल, स्वच्छता, कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था और विद्यार्थियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान ऐसी व्यवस्थाएं हैं, जिनका सीधा संबंध विद्यार्थियों की सुविधा, उपस्थिति और अध्ययन की गुणवत्ता से है।
प्राचार्य द्वारा किया गया यह निरीक्षण महाविद्यालय की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरुप सुधार की संभावनाओं को तलाशने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य महाविद्यालय में ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और वे बिना अनावश्यक असुविधाओं के अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल






