प्रमुख सचिव रमेश कुमार सुधांशु ने की विकास कार्यों की समीक्षा, 2047 के विकसित भारत लक्ष्य के अनुरुप कार्ययोजना के दिए निर्देश।
रानीखेत (अल्मोड़ा)। प्रमुख सचिव उत्तराखंड शासन रमेश कुमार सुधांशु अपनी प्रथम नियुक्ति स्थल रानीखेत पहुंचे, जहां आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने वर्ष 2000 से 2026 तक रानीखेत क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए विकास कार्यों की प्रगति की पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत समीक्षा की।
बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किए गए कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पहाड़ों में सड़कें केवल संपर्क का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन रेखा हैं, इसलिए सुरक्षित और सुगम आवागमन सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी अंशुल सिंह को भी निर्देशित किया कि सभी विकास कार्यों की नियमित एवं प्रभावी समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
वन विभाग से संबंधित मामलों में उन्होंने निर्देश दिए कि विकास कार्यों हेतु आवश्यक अनुमतियों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं फॉरेस्ट कवर की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता सुधार पर बल दिया गया, वहीं स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि जनसंतोष के आकलन हेतु प्रभावी फीडबैक मैकेनिज्म विकसित किया जाए तथा प्रत्येक अस्पताल में शिकायत निवारण के लिए पृथक एवं सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पर्यटन विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने “हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम” पर्यटन मॉडल को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि वन एवं पर्यटन विभाग आपसी समन्वय से इको-टूरिज्म को बढ़ावा दें। उन्होंने समस्त विभागों को लक्ष्य आधारित योजनाएं तैयार कर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने हेतु प्रमुख सचिव ने सभी विभागों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्यों के अनुरुप दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
राज्य गठन के बाद से अब तक की सम्पूर्ण प्रगति कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने हेतु अधिकारियों से सुझाव भी लिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि रानीखेत क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हमें वेलनेस और नेचुरोपैथी जैसी पर्यटन की नई संभावनाओं को तलाशते हुए लक्ष्य आधारित योजना पर कार्य करना होगा, तभी हम विकसित भारत की संकल्पना के साथ-साथ विकसित रानीखेत और विकसित उत्तराखंड के स्वप्न को साकार कर पाएंगे।
बैठक के पश्चात रमेश कुमार सुधांशु ने रानीखेत के विधायक प्रमोद नैनवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य जनों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी प्राप्त किए।
बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा चंद्रशेखर घोड़के, जॉइंट मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह, प्रदीप धौलाखंडी सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



