फोन पर आई फरियाद का एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने मानवता के आधार पर लिया संज्ञान।

उपचार के दौरान मौत के बाद भुगतान न होने पर अस्पताल संचालक ने शव देने से किया था इनकार।

एसएसपी के हस्तक्षेप से परिजनों को मिला मृतका का शव, अस्पताल संचालक को सख्त हिदायत।

हल्द्वानी (नैनीताल)। दिनांक 03 जनवरी 2026 की रात्रि में नन्दन बिरौड़िया पुत्र स्व. डूंगर सिंह बिरौड़िया, निवासी गोलना करड़िया, धारानौला, अल्मोड़ा द्वारा एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. को फोन कर अवगत कराया गया कि उनकी पत्नी सीमा बिरौड़िया को बेस अस्पताल अल्मोड़ा से रेफर कर चंदन अस्पताल हल्द्वानी लाया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पीड़ित द्वारा बताया गया कि अस्पताल संचालक द्वारा पैसों की मांग को लेकर मृतका का शव देने से इनकार किया जा रहा है।

पीड़ित ने यह भी बताया कि वह आर्थिक रुप से कमजोर है तथा उपचार के लिए पहले ही 57 हजार रुपये जमा कर चुका है। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा अतिरिक्त 30 हजार रुपये की मांग करते हुए शव सौंपने से मना किया जा रहा है। पीड़ित ने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार के लिए शव दिलाने का अनुरोध किया।

पीड़ित की व्यथा सुनकर एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. भावुक हो गए और उन्होंने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए सीओ सिटी हल्द्वानी अमित कुमार एवं प्रभारी निरीक्षक कोतवाली हल्द्वानी विजय मेहता को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

निर्देशों के क्रम में पुलिस द्वारा तुरंत चंदन अस्पताल हल्द्वानी पहुंचकर मृतका के शव को परिजनों के सुपुर्द कराया गया तथा मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी कराया गया। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को मानवता का ध्यान रखते हुए भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न करने की सख्त हिदायत दी गई।

रिपोर्टर- रिया सोलीवाल

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