स्वतंत्रता संग्राम में सरदार पटेल के योगदान पर परिचर्चा, विद्यार्थियों ने ली राष्ट्रीय एकता की शपथ।

हल्द्वानी (नैनीताल)। राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, गौलापार में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में “स्वतंत्रता संग्राम में सरदार पटेल का योगदान” विषय पर परिचर्चा एवं शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विद्यार्थियों को सरदार पटेल के योगदान एवं आदर्शों से कराया परिचित:
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को सरदार वल्लभभाई पटेल के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, उनके राष्ट्रप्रेम, दृढ़ नेतृत्व एवं राष्ट्रीय एकता के प्रति उनके समर्पण से परिचित कराना तथा विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को सुदृढ़ करना था।

कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापक डॉ. बसंत नेगी द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के प्रारम्भ में सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को उनके जीवन एवं आदर्शों से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

छात्रा सुषमा टम्टा ने रखे विचार:
इसके पश्चात महाविद्यालय की छात्रा सुषमा टम्टा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सरदार पटेल के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान एवं उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।

संगठन क्षमता एवं नेतृत्व पर हुई चर्चा:
प्राध्यापक डॉ. सुरेश चंद्र जोशी ने अपने संबोधन में सरदार पटेल की संगठन क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति और नेतृत्व क्षमता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही तथा राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रासंगिक है।

प्राध्यापक डॉ. महिराज मेहरा ने सरदार पटेल के राष्ट्रवादी चिंतन एवं स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से सरदार पटेल के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

“राष्ट्रीय एकता प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी”:
प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल एक विचार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की एकता, अखंडता, भाईचारे और सद्भावना को बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

विद्यार्थियों ने ली राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की शपथ:
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता से संबंधित शपथ भी ग्रहण करवाई गई। विद्यार्थियों ने देश की एकता, अखंडता एवं आपसी भाईचारे की भावना को बनाए रखने तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी, डॉ. महिराज मेहरा, डॉ. सुरेश जोशी एवं डॉ. सुनीता दानू सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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