मेधावी छात्रों के घर बधाई देने वालों का तांता, वेदांत, दीपा व गार्गी की सफलता बनी प्रेरणा।

स्याल्दे/भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में स्याल्दे तहसील के मेधावी छात्र-छात्राओं के घर बधाई देने वालों का सिलसिला लगातार जारी है। आर्य इंटर कॉलेज देघाट में 6वीं रैंक प्राप्त करने वाले वेदांत पपनोई एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। वे बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रहे हैं। उनके पिता संजीव पपनोई जल संस्थान में पीटीसी कर्मी हैं, जबकि माता रजनी पपनोई सामाजिक कार्यकर्ता होने के साथ ग्राम सभा बसनाल में ग्राम प्रधान हैं। परिवार की आजीविका का मुख्य स्रोत खेती है। वेदांत ने बताया कि उन्होंने अपनी लगन और मेहनत से यह सफलता हासिल की है। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम (नेट) से भी ज्ञान प्राप्त किया और शिक्षकों के सहयोग से यह मुकाम पाया। उनका लक्ष्य भविष्य में सरकारी सेवा में उच्च अधिकारी बनना है।

वहीं शिक्षक सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि कु. दीपा ने राजकीय इंटर कॉलेज जौरासी, तहसील स्याल्दे से 10वीं में प्रदेश स्तर पर 18वीं रैंक प्राप्त की है। वह भी एक साधारण परिवार से हैं। उनके पिता जगत सिंह खेती-बाड़ी करते हैं और माता नीमा देवी गृहिणी हैं। दीपा पढ़ाई में होनहार हैं और हर विषय को समझने में माहिर हैं। साथ ही वह घर के कार्यों में अपनी माँ का सहयोग भी करती हैं। वह रोजाना घर से चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर स्कूल पहुंचती हैं, जिससे उनकी मेहनत और लगन का अंदाजा लगाया जा सकता है। दीपा आगे उच्च शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही हैं और भविष्य में सरकारी उच्च पदों पर सेवा देना चाहती हैं। विशेष रुप से वह बैंकिंग क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती हैं।

वहीं गार्गी बिष्ट के माता-पिता मूल रुप से अल्मोड़ा के मटेला निवासी हैं। उनके पिता महेंद्र सिंह बिष्ट हल्द्वानी के हरिपुर शिवदत्त गोरापड़ाव में सहायक अध्यापक हैं तथा माता रश्मि बिष्ट आर्य इंटर कॉलेज देघाट में रसायन विज्ञान की प्रवक्ता हैं। गार्गी बिष्ट ने लगातार तीन वर्षों से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। 10वीं में उन्होंने वरीयता सूची में 20वां स्थान प्राप्त किया था। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर कला उत्सव 2025 (आरआईई भोपाल) में प्रतिभाग कर हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत विधा में उत्तराखंड में प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब एक बार फिर इंटर बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर 17वां स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

गार्गी ने बताया कि उनकी रुचि संगीत में है, लेकिन शिक्षा को लेकर भी वे गंभीर हैं। वह आगे उच्च शिक्षा प्राप्त कर आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं और देश व समाज की सेवा करना चाहती हैं।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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