‘वोकल फॉर लोकल’ थीम के तहत छात्राओं ने ऐपण कला से सजाए लिनन-कॉटन बैग।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण की नवाचार समिति ने ‘वोकल फॉर लोकल’ थीम के अंतर्गत एक रचनात्मक पहल शुरु की है। इस पहल के तहत महाविद्यालय की छात्राओं ने सूती-लिनन बैग्स पर पारंपरिक कुमाऊंनी ऐपण कला के नमूने तैयार किए हैं।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को हस्तकला आधारित उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान करना है। साथ ही प्लास्टिक के विकल्प के रुप में लिनन-कॉटन बैग्स के उपयोग एवं प्रचार को बढ़ावा देना तथा ऐपण जैसी कुमाऊंनी लोककला को आधुनिक उत्पादों के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।

यह कार्य महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. शर्मिला सक्सेना के संरक्षण तथा नवाचार समिति प्रभारी डॉ. ईला बिष्ट के मार्गदर्शन में आरंभ किया गया। इसके अंतर्गत बैग्स का प्रथम बैच तैयार किया गया है।

समिति ने बताया कि भविष्य में इन बैग्स को स्थानीय मेलों, प्रदर्शनियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे छात्राओं के लिए आय-सृजन के नए अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे।

महाविद्यालय की यह पहल “स्थानीय कला, पर्यावरण-हितैषी उत्पाद एवं छात्र-कौशल” के त्रि-आयामी मॉडल का उदाहरण बनी है। इससे न केवल कुमाऊंनी विरासत को नया कैनवास मिला है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं में नवाचार और स्वरोजगार की भावना भी प्रबल हुई है।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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