पूर्व जिलाधिकारियों के चालक रहे दीवान राम का निधन, राजकीय गरिमा और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के लिए हमेशा किए जाएंगे याद।
कर्तव्यनिष्ठ सेवा, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यशैली से बनाई अलग पहचान, अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब।
अल्मोड़ा। पूर्व में जिलाधिकारी अल्मोड़ा के चालक पद पर कार्यरत रहे दीवान राम का न्यू कॉलोनी स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। उनके निधन से परिवार, मित्रों तथा पूरे चालक समुदाय में शोक की लहर है।
दीवान राम, वरिष्ठ अधिवक्ता नारायण राम के बुआ के पुत्र एवं बड़े भाई समान थे। अपने सेवाकाल में उन्होंने अल्मोड़ा के कई जिलाधिकारियों के साथ कुशलतापूर्वक एवं कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य किया। अपनी उत्कृष्ट सेवाओं, अनुशासन और दक्षता के लिए उन्हें कई बार प्रशस्ति पत्रों से भी सम्मानित किया गया।
वे अत्यंत मृदुभाषी, मिलनसार एवं सेवाभावी व्यक्तित्व के धनी थे। किसी भी जरुरतमंद की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते थे। अल्मोड़ा जिले के वाहन चालक उन्हें अपना आदर्श मानते थे तथा उनके अनुभव एवं व्यवहार का विशेष सम्मान करते थे।
उनके जीवन की कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक अवसर वह था, जब उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के अल्मोड़ा आगमन पर उन्हें सभा स्थल तक ले जाने का दायित्व दीवान राम को सौंपा गया था।
इसके अलावा, जब भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अल्मोड़ा आए थे, तब सर्किट हाउस से उदयशंकर नाट्यशाला तक उन्हें ले जाने के लिए तत्कालीन जिलाधिकारी ने राज्य स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों से कहा था कि उनके चालक दीवान राम सबसे कुशल चालक हैं, और वही महामहिम राष्ट्रपति को लेकर जाएंगे।
दीवान राम का अंतिम संस्कार मुडेश्वर स्थित श्मशान घाट पर किया गया, जहां परिवारजनों, मित्रों, शुभचिंतकों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनके निधन पर उनके सभी मित्रों एवं शुभचिंतकों ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल










