राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में एंटी रैगिंग जागरुकता एवं परामर्श सत्र आयोजित।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर शर्मिला सक्सेना के निर्देशन में एंटी रैगिंग जागरुकता एवं परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को रैगिंग के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा इसके दुष्परिणामों के बारे में भी बताया गया।
यह कार्यक्रम यूजीसी एंटी रैगिंग रेगुलेशन-2009 के प्रावधानों के अनुपालन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को शिक्षित एवं जागरुक करने के लिए लगातार विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करना है, ताकि सही जानकारी का प्रसार हो, व्यवहार में बदलाव आए और समाज में सकारात्मक बदलाव हो सके।
रैगिंग गंभीर अपराध, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है प्रभाव:
कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी डॉ. कौशल कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि रैगिंग एक गंभीर अपराध है, जिसमें नए छात्रों को अपमानित करने या धमकाने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि रैगिंग के मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।
यह कार्यक्रम विशेष रुप से शिक्षार्थियों के लिए परामर्श केंद्रित रहा, जिसमें छात्र जीवन से संबंधित समस्याओं और उनके समाधानों पर चर्चा की गई। इस सत्र में नोडल अधिकारी द्वारा परामर्शदाता की भूमिका में शिक्षार्थियों के सवालों के जवाब दिए गए।
विद्यार्थियों को जागरुक रहने का किया आह्वान:
इस अवसर पर हिंदी विभाग के डॉ. सुभाष कुमार ने छात्र-छात्राओं को आवश्यक जानकारी प्रदान की। वहीं डॉ. इला बिष्ट ने भी रैगिंग के विषय में अधिक से अधिक जागरुकता फैलाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उपस्थित महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी रैगिंग विषय पर अपने विचार साझा किए तथा जागरुकता की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल










