दो दिन से ठप पड़ी भिकियासैंण की 108 एम्बुलेंस सेवा, 25–30 किमी दूर स्याल्दे से मदद लेने को मजबूर मरीज।
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। पर्वतीय क्षेत्रों में जीवनरक्षक मानी जाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा पिछले दो दिनों से भिकियासैंण क्षेत्र में ठप पड़ी हुई है। जानकारी के अनुसार, भिकियासैंण में तैनात 108 एम्बुलेंस वाहन तकनीकी खराबी के कारण बीते दो दिनों से संचालित नहीं हो पा रहा है। ऐसे में क्षेत्र के मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में अब उन्हें लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर स्थित स्याल्दे से 108 एम्बुलेंस सेवा मंगवानी पड़ रही है, जिससे मरीजों तक समय पर चिकित्सा सहायता नहीं पहुंच पा रही है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, दुर्घटना पीड़ितों और गंभीर रुप से बीमार मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि जीवनरक्षक सेवा के लंबे समय तक बंद रहने से लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है। उनका कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में पहले ही स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं, ऐसे में 108 एम्बुलेंस का खराब होना लोगों की मुश्किलें और बढ़ा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभाग और स्वास्थ्य प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़े वाहन की तत्काल मरम्मत कर उसे पुनः सेवा में लगाया जाए। यदि मरम्मत में अधिक समय लग रहा है तो वैकल्पिक 108 एम्बुलेंस भिकियासैंण में उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी गंभीर मरीज की जान पर बन सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। लोगों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का शीघ्र संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल









