राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के छह वर्ष पूर्ण होने पर राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर में प्रतियोगिताओं का आयोजन।
हल्द्वानी (नैनीताल)। राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, गौलापार में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के लागू होने के छह वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम (ABSS), 2026 के आयोजन के संदर्भ में विद्यार्थियों के मध्य विभिन्न प्रतियोगितात्मक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों, उपलब्धियों, नवाचारों तथा शिक्षा के क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों से अवगत कराना और उन्हें नई शिक्षा व्यवस्था के प्रति जागरुक एवं सहभागी बनाना रहा।
निबंध, पोस्टर, वाद-विवाद एवं कविता प्रतियोगिताओं का आयोजन:
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति एवं तार्किक क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए निबंध, वाद-विवाद, पोस्टर एवं कविता प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं, उसके उद्देश्यों तथा उच्च शिक्षा में इसके प्रभावों को अपनी रचनाओं एवं विचारों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
निबंध प्रतियोगिता के परिणाम:
निबंध प्रतियोगिता में बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा सरिता जोशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सरिता आर्या एवं नीरज सिंह मेहरा ने संयुक्त रुप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा कविता परगाई ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
पोस्टर प्रतियोगिता के परिणाम:
पोस्टर प्रतियोगिता में बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा लक्ष्मी जोशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर की छात्रा टीना बिष्ट ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि बी.ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा गीतांजलि कुमार एवं लक्ष्मी पोखरिया ने संयुक्त रुप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में नीरज प्रथम:
वाद-विवाद प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र नीरज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
डॉ. सुरेश जोशी ने बताया NEP-2020 का महत्व:
कार्यक्रम के दौरान प्राध्यापक डॉ. सुरेश जोशी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन का माध्यम बताते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को केवल विषयगत ज्ञान तक सीमित न रखकर उनके समग्र व्यक्तित्व विकास, कौशल निर्माण, रचनात्मकता एवं रोजगारपरक क्षमता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। उन्होंने विद्यार्थियों से नीति के विभिन्न अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
बहुविषयक शिक्षा एवं कौशल विकास पर दिया जोर:
प्राध्यापक डॉ. हेमंत बिनवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास, स्थानीय ज्ञान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश को इसकी महत्वपूर्ण विशेषताएँ बताया। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को बदलते वैश्विक परिवेश के अनुरुप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
प्राध्यापक डॉ. प्रकाश मठपाल ने शिक्षा में नवाचार, तकनीकी संसाधनों के उपयोग तथा विद्यार्थियों में अनुसंधान एवं रचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को अधिक समावेशी, गुणवत्तापूर्ण और विद्यार्थी-केंद्रित बनाना है।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और समाज के विकास का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से नई शिक्षा नीति में उपलब्ध विभिन्न अवसरों का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने ज्ञान, कौशल एवं प्रतिभा का विकास करने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना:
कार्यक्रम की संरक्षक एवं वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. भारती बहुगुणा ने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को शिक्षा नीति की मूल भावना से जोड़ने के साथ-साथ उनकी अभिव्यक्ति, सृजनात्मकता एवं नेतृत्व क्षमता को विकसित करने में सहायक होते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश कलौनी, वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. भारती बहुगुणा, डॉ. पूजा ध्यानी, डॉ. महिराज मेहरा, डॉ. सुरेश जोशी सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल













