विश्व हृदय दिवस पर डॉ. हिमांशु कुमार ने स्वस्थ हृदय के लिए नियमित जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश।
हल्द्वानी (नैनीताल)। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर चन्दन हॉस्पिटल हल्द्वानी के डॉ. हिमांशु कुमार, MBBS (MD Medicine), Consultant ने लोगों को हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करते हुए कहा कि हृदय को स्वस्थ रखने के लिए केवल दवाइयों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की स्वस्थ आदतों को जीवनशैली का हिस्सा बनाना भी बेहद जरुरी है।
डॉ. हिमांशु कुमार ने कहा कि हृदय रोग केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में युवाओं में भी तनाव, देर रात तक जागना, शारीरिक गतिविधि की कमी, असंतुलित खान-पान, फास्ट फूड, धूम्रपान और शराब जैसी आदतें हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आज से ही अपनी सेहत को प्राथमिकता दें, ताकि भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि, संतुलित भोजन और पर्याप्त नींद को शामिल करना चाहिए। साथ ही धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाए रखना तथा समय-समय पर ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जाँच करवाना जरुरी है।
बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर डॉ. हिमांशु कुमार ने कहा कि उम्र बढ़ना अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, कोलेस्ट्रॉल और हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जाँच और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उपचार जारी रखना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने हृदय संबंधी गंभीर लक्षणों के प्रति भी लोगों को सचेत किया। उन्होंने कहा कि सीने में दबाव या दर्द, अचानक सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना, चक्कर आना या बेहोशी जैसे लक्षणों को केवल गैस या कमजोरी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण है।
डॉ. हिमांशु कुमार ने कहा कि हृदय की देखभाल केवल मरीज की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। परिवार के सदस्यों को अपने माता-पिता और बुजुर्गों की नियमित दवाओं, ब्लड प्रेशर और स्वास्थ्य जाँच के बारे में ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार की छोटी-सी देखभाल भी कई बार स्वास्थ्य के लिए बड़ा बदलाव ला सकती है।
विश्व हृदय दिवस पर उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा स्वस्थ आदतों को अपनाएं, बुजुर्ग नियमित जाँच और सही उपचार पर ध्यान दें तथा पूरा परिवार एक-दूसरे के स्वास्थ्य का ख्याल रखे।
उन्होंने संदेश दिया, “दिल एक ही है, इसकी देखभाल भी जिंदगी भर करनी है।”
डॉ. हिमांशु कुमार
MBBS (MD Medicine) | Consultant
Instagram: @thephysiciandesk
रिपोर्टर – रिया सोलीवाल






