डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में मनाया गया गढ़ भोज दिवस।

भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। डॉ. प्रताप बिष्ट राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, पारंपरिक भोजन और मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गढ़ भोज दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. शर्मिला सक्सेना की अध्यक्षता में एनएसएस इकाई, रोवर-रेंजर्स इकाई एवं इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. शर्मिला सक्सेना ने गढ़ भोज दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए पहाड़ी व्यंजनों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये पारंपरिक व्यंजन हमारी समृद्ध संस्कृति के प्रतीक होने के साथ-साथ उच्च पौष्टिक तत्वों से भरपूर और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गुणकारी हैं।

इस अवसर पर एनएसएस प्रभारी डॉ. इंदिरा, रेंजर्स प्रभारी डॉ. इला बिष्ट, रोवर प्रभारी डॉ. दिनेश कुमार एवं इतिहास विभाग प्रभारी डॉ. दीपा लोहनी ने छात्र-छात्राओं को गढ़ भोज दिवस के इतिहास से अवगत कराते हुए परंपरागत अनाजों के औषधीय गुणों और पौष्टिकता के विषय में बताया तथा दैनिक जीवन में पारंपरिक मोटे अनाज का सेवन करने के लिए प्रेरित किया।

गढ़ भोज दिवस के इस अवसर पर छात्र-छात्राओं द्वारा पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन बनाकर स्टॉल लगाए गए और सभी को परोसे गए, जिससे छात्र-छात्राओं में पारंपरिक भोजन के प्रति रुचि देखने को मिली।

इस अवसर पर इतिहास विभाग द्वारा ‘गढ़ भोज दिवस, हमारी संस्कृति और पारंपरिक भोजन’ विषय पर एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी लेखनी के माध्यम से उत्तराखंड के पारंपरिक अनाजों की महत्ता पर प्रकाश डाला।

उक्त प्रतियोगिता में प्रथम स्थान गुंजन अधिकारी, द्वितीय स्थान क्रिश बिष्ट और तृतीय स्थान सौरव बिष्ट ने प्राप्त किया।

इस अवसर पर डॉ. मनप्रीत सिंह, डॉ. कौशल कुमार, डॉ. सुभाष चंद्र, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. साबिर हुसैन, डॉ. राजीव कुमार, संजीव सिंह, शेर सिंह, गौरव कुमार, श्याम सुंदर, सतीश कुमार, छात्र संघ पदाधिकारी तान्या मठपाल, सुषमा, किरन, बिपिन बिष्ट, दीपा नैलवाल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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