राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर में उत्साहपूर्वक मनाया गया गढ़ भोज दिवस।

हल्द्वानी (नैनीताल)। राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, गौलापार में उत्तराखंड की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक खान-पान एवं स्थानीय खाद्य परंपराओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से गढ़ भोज दिवस का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा उत्तराखंड के पारंपरिक एवं स्थानीय व्यंजनों की आकर्षक प्रदर्शनी एवं विभिन्न खाद्य स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर उत्तराखंड की पारंपरिक भोजन संस्कृति से जुड़े विभिन्न पौष्टिक एवं स्वादिष्ट व्यंजनों को प्रदर्शित किया गया। विद्यार्थियों द्वारा स्थानीय अनाज, दालों, मोटे अनाज एवं पारंपरिक खाद्य सामग्री से तैयार व्यंजनों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध खान-पान की परंपरा को जीवंत रुप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम के अगले चरण में प्राध्यापक डॉ. दीपक दयाल द्वारा पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को गढ़ भोज दिवस के महत्व, उद्देश्य एवं उत्तराखंड की पारंपरिक भोजन संस्कृति के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने स्थानीय एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों के पोषण संबंधी महत्व, स्थानीय कृषि एवं जैव विविधता के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को अपनी पारंपरिक खाद्य संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. कैलाश चंद्र कलौनी ने गढ़ भोज जैसी गतिविधियों को विद्यार्थियों में अपनी लोक-संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति जागरुकता विकसित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने में युवा पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को उत्तराखंड की पारंपरिक भोजन संस्कृति को समझने, उसके महत्व को जानने तथा स्थानीय खाद्य परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. भारती बहुगुणा, डॉ. प्रकाश मठपाल सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

रिपोर्टर – रिया सोलीवाल

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